By: Vikash Kumar (Vicky)
पाकुड़। स्कूल बस की टक्कर से एक युवक की मौत के बाद पाकुड़ शहर में भड़के उग्र प्रदर्शन, हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। घटना के अगले ही दिन पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मृतक के प्रति पुलिस प्रशासन की पूरी संवेदना है, लेकिन इस दुखद घटना की आड़ में शहर की शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा में शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय है।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उग्र प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव, आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले की घटनाओं में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान तेजी से की जा रही है। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। चिन्हित किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में फैलाई गई हिंसा
एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। जिन तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को उग्र रूप देकर पाकुड़ शहर में भय और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास किया है, उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ऐसे लोगों को किसी भी हाल में राहत देने के मूड में नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ उपद्रवियों ने सुनियोजित तरीके से स्कूल परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाया। इससे न केवल सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा, बल्कि आम नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई।

स्कूल परिसर में तोड़फोड़, शैक्षणिक माहौल प्रभावित
घटना के दौरान उपद्रवियों ने एक स्कूल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल की खिड़कियां, फर्नीचर और अन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शिक्षा के मंदिर को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे कृत्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूल में हुई तोड़फोड़ के मामले में भी अलग से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस पर हमला, दर्जनों जवान घायल
एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और चौकीदारों पर पथराव किया गया। उपद्रवियों के हमले में दर्जनों पुलिस जवान घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज कराया गया है और फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरू से ही संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन जब लगातार पथराव और हमले किए गए, तब मजबूरी में हल्का बल प्रयोग और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। पुलिस की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा और शहर में शांति बनाए रखना था।
कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं
पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो सकता है। पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है, ताकि भविष्य में पाकुड़ शहर में दोबारा किसी तरह की अशांति न फैल सके।

