By:vikash kumar (vicky)

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त और अशुभ समय जानना जरूरी होता है। 20 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है और चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन मनाया जाएगा।

नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। इस दिन ब्रह्म योग और रेवती नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं 20 मार्च 2026 का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

20 मार्च 2026 का पंचांग
तिथि – चैत्र शुक्ल पक्ष द्वितीया
तिथि समाप्त – रात 2 बजकर 31 मिनट तक, इसके बाद तृतीया तिथि
वार – शुक्रवार
नक्षत्र – रेवती
योग – ब्रह्म योग
पक्ष – शुक्ल पक्ष
मास – चैत्र
विक्रम संवत – 2083

धार्मिक मान्यता के अनुसार द्वितीया तिथि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से साहस, संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
सूर्योदय और चंद्रमा का समय – 20 मार्च 2026
सूर्योदय – 06:21
सूर्यास्त – 18:21
चंद्रोदय – 06:53
चंद्रास्त – 19:48
सूर्योदय के बाद पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना अच्छा माना जाता है।

20 मार्च 2026 का अशुभ मुहूर्त
गुलिक काल – 07:51 से 09:21 तक
राहुकाल – 10:51 से 12:21 तक
यमगंड – 15:21 से 16:51 तक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। इस समय में पूजा, यात्रा या नया काम टालना बेहतर माना जाता है।

नवरात्रि का दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और संयम की देवी मानी जाती हैं। उनकी पूजा करने से मन मजबूत होता है और जीवन में धैर्य बढ़ता है।

इस दिन सफेद या पीले रंग के कपड़े पहनकर पूजा करना शुभ माना जाता है। माता को शक्कर, मिश्री और फल का भोग लगाने से विशेष फल मिलता है।
नवरात्रि के दूसरे दिन साधना और व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
आज का शुभ समय (सामान्य)
अभिजीत मुहूर्त – लगभग 12:00 से 12:48 तक
शुभ कार्य का समय – सूर्योदय के बाद और राहुकाल से पहले
शुभ मुहूर्त में पूजा, खरीदारी, नया काम या यात्रा करना अच्छा माना जाता है।
यह पंचांग धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।
