By : Vikash Kumar (Vicky )
Aaj Ka Panchang 25 December 2025 के अनुसार आज का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास है। आज 25 दिसंबर को एक ओर जहां पूरी दुनिया क्रिसमस का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना रही है, वहीं भारत में तुलसी पूजन दिवस भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। पौष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ आज गुरुवार का दिन है, जो देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। यही कारण है कि आज का दिन पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज स्कंद षष्ठी पर्व का भी प्रभाव देखा जा रहा है, जिसमें भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत का विधान है। तुलसी पूजन दिवस पर तुलसी माता की विधिवत पूजा कर पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाता है। वहीं क्रिसमस का पर्व प्रेम, करुणा और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। इस प्रकार आज का दिन ‘दोहरी खुशियों’ और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।
आज का पंचांग 25 दिसंबर 2025
आज की तिथि पौष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी है। दिन गुरुवार होने के कारण बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए पीले वस्त्र धारण कर पूजा करना शुभ माना जाता है। आज के दिन तुलसी माता को जल अर्पित कर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि का वास माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
आज का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, व्रत, दान और मंत्र जाप के लिए अनुकूल है। तुलसी पूजन और कार्तिकेय भगवान की आराधना के लिए दिन का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है। विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
अशुभ मुहूर्त और राहुकाल
आज गुरुवार के दिन राहुकाल का समय मध्याह्न के आसपास माना जाता है। इस दौरान नए कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। यमगंड और गुलिक काल का भी ध्यान रखना चाहिए। हालांकि पूजा-पाठ और जप-तप पर राहुकाल का प्रभाव नहीं माना जाता।
तुलसी पूजन दिवस का महत्व
तुलसी को हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। आज के दिन तुलसी की पूजा करने से रोग, दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। साथ ही यह दिन पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है, क्योंकि तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है।
क्रिसमस का धार्मिक और सामाजिक संदेश
क्रिसमस ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रेम, शांति और मानवता का संदेश देता है। आज का दिन यह सिखाता है कि अलग-अलग धर्म और परंपराएं मिलकर समाज में सौहार्द और भाईचारे को मजबूत कर सकती हैं।
यह पंचांग सामान्य धार्मिक गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। तिथि, मुहूर्त और राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान की सलाह अवश्य लें। समाचार वेबसाइट इस जानकारी की पूर्ण सटीकता की गारंटी नहीं देती।
