By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के संयुक्त संबोधन से हुई। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही केंद्र सरकार ने आगामी कार्ययोजना, नीतिगत प्राथमिकताओं और आर्थिक दिशा को देश के सामने रखा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और भविष्य के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और सरकार का फोकस समावेशी विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर है। राष्ट्रपति ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीति स्पष्ट है—‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में देश ने बड़े सुधार देखे हैं, जिनका असर अर्थव्यवस्था और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति में साफ नजर आता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह बजट सत्र देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। पीएम मोदी ने विपक्ष से भी अपील की कि वह सत्र के दौरान सहयोग करे, ताकि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों और आर्थिक फैसलों पर स्वस्थ चर्चा हो सके।
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने सुधारों के जरिए व्यवस्था को मजबूत किया है और अब उसका प्रदर्शन जमीन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि ‘रिफॉर्म’ से व्यवस्था बदली, ‘परफॉर्म’ से परिणाम आए और अब ‘ट्रांसफॉर्म’ के जरिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

बजट सत्र के दौरान आम बजट पेश किया जाएगा, जिस पर देश की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस बजट में मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए अहम घोषणाएं हो सकती हैं। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, डिजिटल इंडिया और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद के दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इस दौरान सरकार की नीतियों और कार्यों पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। बजट सत्र के दौरान कई अहम विधेयक भी पेश किए जाने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि बजट सत्र के जरिए आर्थिक सुधारों को और गति दी जाएगी। आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को मजबूती देने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण योजनाओं को विस्तार देने पर भी सरकार का जोर रहेगा।
वहीं, विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की स्थिति और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में बजट सत्र के दौरान संसद में राजनीतिक गर्माहट बढ़ने की पूरी संभावना है।

कुल मिलाकर संसद का बजट सत्र देश के आर्थिक और राजनीतिक एजेंडे के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। राष्ट्रपति के संबोधन और प्रधानमंत्री के बयान से साफ है कि सरकार इस सत्र को विकास और सुधारों की दिशा में निर्णायक बनाना चाहती है। अब आने वाले दिनों में संसद के भीतर होने वाली चर्चाएं और बजट की घोषणाएं देश की भविष्य की दिशा तय करेंगी।

