By Vikash Kumar ( Vicky )
बिहार की राजधानी पटना में इस मौसम की सबसे कड़ाके की ठंड दर्ज की गई, जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान एमएस 14.5°C (अधिकतम) के आसपास पहुंच गया — जो इस सर्दी में *सबसे कम दर्ज तापमानों में से एक *था और पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुका है। इसके साथ ही मौसम विभाग (IMD) ने 25 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है, चेतावनी देते हुए कि ठंड और घना कोहरा जनजीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

रिकॉर्ड तोड़ ठंड और कड़ाके की सर्दी
राजधानी पटना में लगातार दो दिनों से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान मात्र 14.5°C रिकॉर्ड हुआ — यह दिसंबर महीना के लिए विगत वर्षों के मुकाबले काफी कम है और मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह दिसंबर 2025 के ठंडे दिनों में सबसे गंभीर चरण था। इस गिरावट ने पटना सहित आसपास के इलाकों में शीतलहर की तीव्रता को बढ़ा दिया है।
IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 25 से 28 दिसंबर तक पूरा बिहार ऑरेंज अलर्ट ज़ोन में रहेगा, जहां ठंडी हवा, न्यून तापमान और कोहरे की सतत स्थिति के कारण दैनिक जीवन प्रभावित रहेगा। कई जिलों में कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसमें दिन के समय भी लोगों को शीतलहर का कड़ापन महसूस होगा।
घना कोहरा और विजिबिलिटी में गिरावट
बीते कई दिनों से पटना और आसपास के इलाकों में सुबह-सवेरे से लेकर दोपहर तक तक घना कोहरा छाया रहा, जिसकी वजह से दृश्यता (Visibility) कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इस परिस्थिति ने सड़क, रेल और हवाई परिवहन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यात्रियों का कहना है कि कोहरे के कारण सुबह-सुबह ट्रेनों और बसों की टाइमिंग्स में देरी आम बात हो गई है।
IMD के अनुसार कोहरा गहरी सर्दी और उच्च सतही आर्द्रता के संयोजन से बन रहा है, जिससे न केवल तापमान गिर रहा है, बल्कि दिन के समय भी धूप का असर कम महसूस हो रहा है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है — खासकर स्कूल जाने-आने और सड़क यातायात पर।
प्रशासन का अलर्ट और राहत उपाय
राज्य प्रशासन और जिला अधिकारियों ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए कई ऐहतियाती आदेश जारी किए हैं:
स्कूलों के बंद रहने के आदेश:
पटना में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों को 26 दिसंबर तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है ताकि बच्चों को ठंड के सीधे प्रभाव से बचाया जा सके। इससे अभिभावकों तथा शिक्षकों को राहत मिली है, जबकि 9वीं और उससे ऊपर के छात्रों के लिए अलग से निर्देश जारी किए गए हैं।
जनता और यात्रियों को चेतावनी:
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है, खासकर सुबह-सुबह और देर रात के समय कम विजिबिलिटी को देखते हुए। मोटरवीरों से कहा गया है कि वे लो-बीम हेडलाइट का प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
आउटडोर वर्कर्स के लिए राहत:
कड़ी ठंड के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बाजारों, रेलवे स्टेशनों तथा व्यस्त क्षेत्रों में सार्वजनिक बॉनफायर (Bonfire Points) और राहत केंद्र बनाए गए हैं ताकि राहगीरों तथा आउटडोर वर्कर्स को ठंड से कुछ राहत मिल सके।
ट्रांसपोर्ट और यातायात पर असर
घने कोहरे की वजह से पटना और आसपास के जिलों में ट्रेन और रोड ट्रैफिक भारी प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों को डिले किया गया है, और कुछ सेवा रद्द तक करनी पड़ी है। यात्रियों की रिपोर्टों के मुताबिक कई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों की गति कम कर दी गई है, जिससे लोगों कोPlatforms और सड़क किनारे लंबे समय तक ठंड में इंतज़ार करना पड़ा।
सड़क यातायात पर भी कोहरे का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है। दृश्यता में गिरावट के कारण कुछ स्थानों पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है, और कई रूटों पर वाहनों को कम स्पीड पर चलने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर प्रभाव
ठंड के बढ़ते प्रभाव से वरिष्ठ नागरिक, बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग पर्याप्त गर्म कपड़ों का उपयोग करें, गरम पेय लें और कम से कम समय तक बाहर रहें. लगातार कोहरे व नीचे तापमान से सर्दी‐ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस और श्वसन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
अगला 3-दिन का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
25-26 दिसंबर: ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी, दृश्यता कम रहेगी और जाड़े का असर कड़ा रहेगा।
27-28 दिसंबर: ऑरेंज अलर्ट की अवधि में ठंड बढ़ने की संभावना है, लेकिन ज़्यादातर जिलों में सूखी और ठंडी हवा बनी रहेगी।
तापमान न्यूनतम 6°C से लेकर अधिकतम 15-16°C के बीच रहने की उम्मीद है, जिसमें दिन के समय भी ठंड का असर महसूस होगा।
बिहार में इस बार की सर्दी अन्य वर्षों की तुलना में अधिक तीव्र और लंबे समय तक रहने वाली प्रतीत हो रही है। पटना में रिकॉर्ड गिरते तापमान के साथ IMD का ऑरेंज अलर्ट 25-28 दिसंबर तक जारी रहना दर्शाता है कि जनता को अतिरिक्त सावधानियाँ अपनानी होंगी। प्रशासन, मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि बिना ज़रूरत बाहर न निकलें, स्कूलों और वरिष्ठ नागरिकों का विशेष ध्यान रखें, और यातायात समस्याओं के प्रति सतर्क रहें.
