By: Vikash Kumar (Vicky )
आज के दौर में जब जन्मदिन और सालगिरह जैसे अवसर अक्सर केक, पार्टी और दिखावे तक सीमित रह जाते हैं, वहीं देवघर सदर अस्पताल के लैब प्रभारी एवं झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने अपनी पत्नी के जन्मदिन को सेवा और मानवता से जोड़कर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

मनोज कुमार मिश्र ने अपनी पत्नी स्वीटी कुमारी के जन्मदिन के अवसर पर सदर अस्पताल देवघर स्थित रक्त केंद्र में रक्तदान कर पति-पत्नी के प्रेम के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी बेहतरीन उदाहरण दिया। इस पुनीत अवसर पर पत्नी स्वीटी कुमारी, पुत्री आकांक्षा शांडिल्य, पूर्णिमा कुमारी, अनिल रजक सहित कई गणमान्य लोग और अस्पताल कर्मी मौजूद रहे।
पत्नी भी पहुंची रक्तदान करने, लेकिन हीमोग्लोबिन बना बाधा
इस मौके पर खास बात यह रही कि पत्नी स्वीटी कुमारी भी अपने जन्मदिन पर रक्तदान करने के उद्देश्य से रक्त केंद्र पहुंचीं। हालांकि जांच के दौरान उनका हीमोग्लोबिन स्तर निर्धारित मानक से कम पाया गया, जिस कारण चिकित्सकीय नियमों के अनुसार उनका रक्त नहीं लिया जा सका।
रक्तदान नहीं कर पाने के कारण स्वीटी कुमारी कुछ देर के लिए भावुक और मायूस नजर आईं, लेकिन उन्होंने कहा कि “आज भले ही मैं रक्तदान नहीं कर पाई, लेकिन भविष्य में स्वास्थ्य बेहतर होते ही जरूर रक्तदान करूंगी। मेरे पति जो कर रहे हैं, उस पर मुझे गर्व है।”
हर साल तीन बार रक्तदान करते हैं मनोज कुमार मिश्र
मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि वे हर वर्ष तीन बार नियमित रूप से रक्तदान करते हैं और इसके लिए वे अपने परिवार के सदस्यों के जन्मदिन जैसे शुभ अवसरों का चयन करते हैं। उनका मानना है कि खुशी के पलों को अगर समाज के काम में लगाया जाए तो उसका महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा,
“रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। यह किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित होता है। अगर हर परिवार अपने घर के किसी एक सदस्य के जन्मदिन पर रक्तदान करने की परंपरा शुरू कर दे, तो देश में कभी भी रक्त की कमी नहीं होगी।”
“आप खुद एक रक्तदान संस्था हैं”
मनोज कुमार मिश्र ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान के लिए किसी संस्था या संगठन की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। इच्छुक व्यक्ति स्वयं रक्त केंद्र पहुंचकर रक्तदान कर सकता है।
उन्होंने कहा,
“आप स्वयं एक रक्तदान संस्था हैं। जब भी मन हो, जब भी समय मिले, नजदीकी ब्लड बैंक या सरकारी अस्पताल जाकर रक्तदान करें। इसके लिए किसी बड़े आयोजन या प्रचार की जरूरत नहीं है।”
स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है रक्तदान
उन्होंने यह भी बताया कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करना न सिर्फ समाज के लिए बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। इससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और कई बीमारियों का खतरा कम होता है। मनोज कुमार मिश्र ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि 18 से 60 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार निर्धारित समय अंतराल पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
मौजूद लोगों ने की सराहना
इस अवसर पर मौजूद लोगों ने मनोज कुमार मिश्र के इस कदम की जमकर सराहना की। अस्पताल कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। लोगों का मानना है कि यदि सरकारी कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग आगे आकर इस तरह का कार्य करें, तो आम जनता में भी जागरूकता तेजी से फैलती है।
देवघर में रक्तदान को लेकर बढ़ी जागरूकता
देवघर जिले में समय-समय पर रक्त की कमी की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में मनोज कुमार मिश्र द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल एक व्यक्तिगत पहल है, बल्कि समाज को दिशा दिखाने वाला कदम भी है।
यह पहल यह संदेश देती है कि रक्तदान कोई कठिन कार्य नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति का विषय है।
