
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत सरकार ने किसानों को एक और बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले किसानों के खाते में किस्त भेज दी है। इस बार खासतौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के लगभग 27 लाख किसानों को सीधा फायदा हुआ है। सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों की आर्थिक मजबूती और खेती-किसानी को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों के खाते में पहुंची रकम
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिन किसानों ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया है और जिनकी पात्रता की जांच पूरी हो चुकी है, उनके खाते में यह राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेज दी गई। लाभार्थी किसानों के खातों में ₹2000 की किस्त आ गई है। इस बार त्योहार के मौके पर सरकार ने किसानों को समय से पहले यह किस्त देकर राहत देने की कोशिश की है।
27 लाख किसानों को मिला फायदा
उत्तर प्रदेश में करीब 12 लाख, बिहार में लगभग 9 लाख और मध्य प्रदेश में करीब 6 लाख किसानों को इस किस्त का लाभ मिला है। किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे त्योहारों के समय उनके घर की आर्थिक स्थिति संभल जाएगी।

क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से हुई थी। इस योजना के तहत देश के सभी योग्य किसान परिवारों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2000 की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक देशभर के करोड़ों किसान परिवार इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
किसानों के लिए दिवाली का गिफ्ट
त्योहारों से पहले मिलने वाली यह रकम किसानों के लिए किसी बोनस से कम नहीं है। आमतौर पर त्योहार के समय घर-गृहस्थी के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से मिली यह राशि किसानों को थोड़ी राहत देती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह पैसा न सिर्फ घर के सामान पर खर्च होता है, बल्कि बीज, खाद और कृषि उपकरणों की खरीद में भी उपयोगी साबित होता है।
सरकार का दावा – किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम
केंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। किसान सम्मान निधि योजना को इसी लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी पहल माना जाता है। कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को नियमित अंतराल पर आर्थिक मदद मिलने से वे खेती में ज्यादा निवेश कर सकते हैं और फसल उत्पादन में सुधार ला सकते हैं।
किसे मिलता है इस योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जो पात्र हैं।
किसान के पास खुद की खेती की जमीन होनी चाहिए।
परिवार में पति-पत्नी और अवयस्क बच्चे ही शामिल होंगे।
अगर किसान सरकारी कर्मचारी है या आयकरदाता है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
पेंशनभोगी और उच्च पदों पर आसीन लोग भी इस योजना से बाहर रखे गए हैं।

पंजीकरण की प्रक्रिया

पंजीकरण की प्रक्रिया
नए किसान इस योजना से जुड़ने के लिए नजदीकी CSC सेंटर या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संभव है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर और जमीन के कागजात की जरूरत होती है।
किसानों की राय
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के किसान रामलखन यादव का कहना है कि “त्योहार के वक्त यह राशि मिलना हमारे लिए बहुत मददगार है। हम इसे खेती के काम और घर की जरूरतों दोनों में खर्च कर सकते हैं।” वहीं बिहार के समस्तीपुर जिले के किसान शिवकुमार महतो ने बताया कि “पिछले साल समय पर किस्त नहीं आई थी, लेकिन इस बार दिवाली से पहले सरकार ने पैसा भेजकर बड़ी राहत दी है।”
विपक्ष का सवाल
हालांकि विपक्षी दलों ने इस योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि कई जगह किसानों के नाम सूची में होते हुए भी उन्हें किस्त नहीं मिल रही है। इस पर सरकार का कहना है कि पात्रता की जांच में गड़बड़ी को रोकने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और जिन किसानों को अब तक किस्त नहीं मिली है, उन्हें जल्द ही लाभ मिलेगा।
दिवाली से पहले किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त पहुंचना ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा तोहफा है। जहां एक ओर किसान इससे अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करेंगे, वहीं दूसरी ओर कृषि कार्यों में भी यह रकम सहायक साबित होगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से खेती को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

