
नई दिल्ली/पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के युवाओं से सीधा संवाद करते हुए आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन और डिजिटल नवाचार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस संवाद को पूरे बिहार में लाइव प्रसारित किया गया, जिसमें लाखों युवाओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया।
यह संवाद न केवल चुनावी दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि आने वाले वर्षों में बिहार की युवा पीढ़ी के लिए नई नीतियों की दिशा भी तय कर सकता है।
डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “बिहार के युवा देश की रीढ़ हैं। यदि यही ऊर्जा सही दिशा में लगाई जाए, तो बिहार को ‘डिजिटल हब’ और ‘स्टार्टअप पावरहाउस’ बनाया जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने युवाओं के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं — जैसे स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और प्रधानमंत्री रोजगार योजना — जिनसे बिहार के हजारों युवाओं को लाभ मिला है।
पीएम मोदी ने कहा,
> “आज का युवा केवल नौकरी चाहता ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहता है। हमारी सरकार उसके इस सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव सहयोग कर रही है।”
बिहार के विकास में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के पास असीम संभावनाएं हैं — चाहे वह कृषि हो, आईटी सेक्टर हो या ग्रामीण उद्योग। उन्होंने बताया कि बिहार के युवाओं में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, जरूरत है केवल अवसर और दिशा की।
उन्होंने राज्य में चल रही प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल मिशन, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और मेक इन इंडिया हब प्रोजेक्ट्स की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि आने वाले 5 सालों में बिहार में 50 से अधिक नए आईटी हब और टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इससे लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

शिक्षा और रोजगार पर सरकार की बड़ी योजना
संवाद के दौरान पीएम मोदी ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार बिहार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत 25 नए मॉडल कॉलेज खोलने जा रही है।
साथ ही, उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में बिहार के छात्रों को टेक्निकल और प्रोफेशनल शिक्षा के लिए विशेष स्कॉलरशिप दी जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा,
> “नई शिक्षा नीति का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स देना है। अब शिक्षा को रोजगार से जोड़ा जा रहा है ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।”
महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए भी अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिहार में ‘नारी शक्ति योजना’ और ‘लखपती दीदी अभियान’ के जरिए लाखों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, स्टार्टअप सब्सिडी और कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि “बिहार के गांव अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं। हमारी सरकार चाहती है कि हर युवा अपने गांव में ही अवसर खोजे और वहां से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे।”
राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट
हालांकि यह संवाद युवा सशक्तिकरण के नाम पर आयोजित किया गया था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका सीधा असर आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पर भी पड़ेगा।
पीएम मोदी ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि “वो समय गया जब बिहार को पिछड़ेपन की पहचान दी जाती थी। अब बिहार का नाम प्रगति और परिश्रम से जोड़ा जा रहा है।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि “बदलते भारत में आपको केवल दर्शक नहीं, बल्कि सहभागी बनना होगा। आने वाला दशक बिहार के युवाओं का होगा।”
सोशल मीडिया पर युवाओं का उत्साह
इस संवाद को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी खूब सराहा गया। #YuvaWithModi और #BiharDialogueWithPM जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कई छात्रों और युवा उद्यमियों ने पीएम मोदी के संदेश को प्रेरणादायक बताया।
पटना विश्वविद्यालय के छात्र अभिषेक कुमार ने कहा —
> “पीएम मोदी ने आज युवाओं को यह भरोसा दिया है कि बिहार का भविष्य अब केवल बातों में नहीं, बल्कि कार्यों में दिखेगा।
युवाओं के लिए नई दिशा का संकेत
प्रधानमंत्री मोदी का यह संवाद केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए एक रोडमैप था।
सरकार अब उन योजनाओं पर काम कर रही है जिनसे शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ें।
बिहार के युवाओं के सामने अब अवसरों का नया द्वार खुला है — और अगर योजनाओं को जमीनी स्तर पर सही ढंग से लागू किया गया, तो बिहार आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक ताकत बन सकता है।

