By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। देश में डिजिटल और सामाजिक बदलाव की रफ्तार को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में ‘MANAV’ पहल चर्चा में है। ‘MANAV’ यानी Mission for Advancement through Networking and Value Creation—एक ऐसा समेकित मॉडल, जिसका उद्देश्य तकनीक, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के जरिए किसानों, छात्रों और ग्रामीण उद्यमियों को सशक्त बनाना है। सरकार का दावा है कि यह पहल खेती से लेकर पढ़ाई और स्थानीय रोजगार तक को आसान, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाएगी।

क्या है ‘MANAV’ का विजन?
‘MANAV’ का मूल उद्देश्य मानव संसाधन को तकनीक और कौशल से जोड़कर उत्पादकता बढ़ाना है। इसके तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट, एग्री-टेक, ई-लर्निंग और स्थानीय उद्यमिता को एकीकृत किया जाएगा। सरकार का मानना है कि जब किसान को सही समय पर मौसम, बाजार और बीज-उर्वरक की जानकारी मिलेगी, और छात्र को गुणवत्ता वाली ऑनलाइन शिक्षा व स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध होगी, तब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलेगी।

खेती में कैसे आएगा बदलाव?
रियल-टाइम डेटा और सलाह: किसानों को मोबाइल आधारित एप और हेल्पलाइन के जरिए फसल, मौसम और बाजार भाव की ताजा जानकारी मिलेगी।
डिजिटल मंडी कनेक्टिविटी: किसानों को ई-मार्केट प्लेटफॉर्म से जोड़कर बिचौलियों पर निर्भरता कम करने की योजना है।

एग्री-स्टार्टअप सपोर्ट: ड्रोन, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्रिसिजन फार्मिंग जैसे आधुनिक साधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
ट्रेनिंग और फील्ड वर्कशॉप: ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण शिविरों के जरिए नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘MANAV’ के जरिए छोटे और सीमांत किसानों तक सही समय पर जानकारी और वित्तीय सहायता पहुंचे, तो लागत घटेगी और आमदनी बढ़ेगी।

शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
‘MANAV’ पहल में ग्रामीण छात्रों के लिए ई-लर्निंग मॉड्यूल, वर्चुअल क्लास और करियर काउंसलिंग को शामिल किया गया है।
डिजिटल क्लासरूम: पंचायत स्तर तक स्मार्ट क्लास और इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार।
स्किल हब: आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि-आधारित प्रोसेसिंग और स्थानीय हस्तशिल्प में प्रशिक्षण।
इंडस्ट्री कनेक्ट: प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप से जोड़ने की व्यवस्था।
सरकार का लक्ष्य है कि गांव का युवा शहरों की ओर पलायन किए बिना स्थानीय स्तर पर ही रोजगार पा सके।

महिला और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा
‘MANAV’ के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को डिजिटल भुगतान, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन बिक्री की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
पारदर्शिता और मॉनिटरिंग
पहल की निगरानी के लिए डैशबोर्ड और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग होगा। इससे योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या और फंड उपयोग की जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध रहेगी।

संभावित चुनौतियां
दूरदराज इलाकों में इंटरनेट और बिजली की कमी
डिजिटल साक्षरता का अभाव
प्रारंभिक निवेश और प्रशिक्षण की जरूरत
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों का सहयोग मिला, तो ‘MANAV’ ग्रामीण भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में ‘MANAV’ पहल का मकसद मानव संसाधन को तकनीक और कौशल से जोड़ना है। खेती में आधुनिकता, शिक्षा में डिजिटल पहुंच और युवाओं को स्थानीय रोजगार—इन तीन स्तंभों पर टिकी यह योजना ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। आने वाले समय में इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर कितना दिखता है, यह क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर निर्भर करेगा।
