By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत एक बार फिर अपनी सैन्य, तकनीकी और सांस्कृतिक शक्ति का भव्य प्रदर्शन करने जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम मोदी ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के वीर सपूतों के बलिदान को नमन किया।

प्रधानमंत्री के इस कदम को गणतंत्र दिवस समारोह की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से कर्तव्यपथ तक भारत की सैन्य शक्ति, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की झलक आज पूरी दुनिया देखेगी।
शहीदों को नमन के साथ गणतंत्र दिवस की शुरुआत
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यह परंपरा भारत की उस सैन्य संस्कृति को दर्शाती है, जहां देश की आज़ादी और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वालों को सर्वोपरि स्थान दिया जाता है।

पीएम मोदी ने कुछ क्षण मौन रखकर शहीदों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इसके बाद वह कर्तव्यपथ के लिए रवाना हुए, जहां गणतंत्र दिवस परेड का भव्य आयोजन होना है।
कर्तव्यपथ पर दिखेगी ‘नया भारत’ की झलक
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड खास मानी जा रही है। कर्तव्यपथ पर भारतीय सेना की आधुनिक सैन्य ताकत, स्वदेशी हथियार प्रणालियां और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया जाएगा। टैंकों, मिसाइल सिस्टम, आधुनिक ड्रोन और स्वदेशी रक्षा उपकरणों की झलक परेड का मुख्य आकर्षण होगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम को विशेष रूप से प्रमुखता दी गई है। परेड में ऐसे हथियार और प्लेटफॉर्म शामिल किए गए हैं, जिन्हें भारत में ही विकसित किया गया है।
वायुसेना की ताकत का आसमान से प्रदर्शन
कर्तव्यपथ के ऊपर भारतीय वायुसेना का फ्लाई-पास्ट भी खास आकर्षण रहेगा। लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सटीक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसमें स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान और एडवांस हेलीकॉप्टरों की भागीदारी भारत की बढ़ती वायु शक्ति को दर्शाएगी। आसमान में बनने वाले त्रिवर्णीय धुएं के पैटर्न से पूरा कर्तव्यपथ देशभक्ति के रंग में रंग जाएगा।

सांस्कृतिक विविधता की भी दिखेगी झलक
गणतंत्र दिवस परेड केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक कला और विकास योजनाओं को प्रदर्शित करेंगी। इन झांकियों में महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, हरित ऊर्जा और विकसित भारत की झलक देखने को मिलेगी।

लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां देश की एकता और विविधता को मंच पर जीवंत कर देंगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। ड्रोन निगरानी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और हाई-टेक कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और आम लोगों से प्रशासन द्वारा सहयोग की अपील की गई है।
दुनिया को संदेश: भारत मजबूत और तैयार
कर्तव्यपथ पर होने वाला यह आयोजन केवल एक परेड नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को भारत की सामरिक शक्ति, राजनीतिक स्थिरता और भविष्य की तैयारियों का संदेश देता है। पीएम मोदी की मौजूदगी में यह समारोह भारत के वैश्विक कद को और मजबूत करता है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण और परेड के माध्यम से भारत यह स्पष्ट संदेश देता है कि वह शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।
राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा देश
गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर में राष्ट्रभक्ति का माहौल है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और सैन्य प्रतिष्ठानों में ध्वजारोहण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी देशवासियों में उत्साह और गर्व साफ देखा जा रहा है। कर्तव्यपथ पर होने वाला यह भव्य आयोजन भारत के लोकतंत्र, संविधान और एकता की ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।

