नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि “देश किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलता, बल्कि संविधान, संस्थाओं और जनता के भरोसे चलता है।” उन्होंने यह बयान राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर दिया, जब पूरा देश सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मना रहा था। खड़गे ने इस दौरान सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “जो लोग आज सरदार पटेल का नाम लेकर राजनीति कर रहे हैं, वही लोग कभी उनके विचारों के विरोधी थे। सरदार पटेल ने ही देश की एकता बनाए रखने के लिए आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, और आज समय आ गया है जब उस संगठन पर दोबारा बैन लगाने की जरूरत है।”
कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं ने खड़गे के बयान को “देशविरोधी मानसिकता” करार दिया है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह “संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाई गई सच्ची आवाज़” है।
खड़गे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
अपने संबोधन में मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के “न्यू इंडिया” और “विकसित भारत” के नारे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी हर बात में ‘मैं’ कहते हैं, लेकिन देश ‘हम’ से चलता है, ‘मैं’ से नहीं। जो व्यक्ति लोकतंत्र को ‘एक व्यक्ति का शो’ बना देता है, वह सरदार पटेल की विरासत को नहीं समझता।” उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल ने देश के 562 रियासतों को एकजुट कर भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाया था। लेकिन आज देश में नफरत की राजनीति फैलाकर समाज को बांटने का काम किया जा रहा है।
आरएसएस पर फिर से बैन की मांग
खड़गे ने कहा कि सरदार पटेल ने 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा कि “सरदार पटेल ने खुद लिखा था कि आरएसएस देश की एकता के लिए खतरा है। अगर आज पटेल जीवित होते, तो शायद वही निर्णय फिर दोहराते।” उन्होंने यह भी कहा कि आज संघ के विचारों से प्रेरित सरकार संविधान के मूल सिद्धांतों पर हमला कर रही है। “जाति, धर्म और भाषा के नाम पर जो नफरत फैलाई जा रही है, वह देश की एकता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान पर भाजपा ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि खड़गे का बयान देश की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि “सरदार पटेल का सम्मान करने वाले नरेंद्र मोदी ने गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनवाकर उनकी विरासत को अमर किया है। लेकिन कांग्रेस नेता सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित हैं।” भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को सरदार पटेल के नाम पर राजनीति बंद करनी चाहिए, क्योंकि पार्टी खुद आजादी के बाद से ही उनके योगदान को नजरअंदाज करती आई है।
कांग्रेस ने दी सफाई
दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश की एकता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी था। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि “जो लोग आज सरदार पटेल की मूर्ति के सामने फोटो खिंचवाते हैं, वे उनके विचारों के खिलाफ काम करते हैं। खड़गे जी ने वही सच कहा है जो हर लोकतांत्रिक व्यक्ति महसूस करता है।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में असहिष्णुता और संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है, इसलिए कांग्रेस लोकतंत्र के मूल मूल्यों की रक्षा के लिए खड़ी है।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि खड़गे का यह बयान आगामी बिहार और झारखंड विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। कांग्रेस भाजपा के खिलाफ “संविधान बचाओ” और “एकता बनाओ” अभियान चलाने की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान पार्टी के पुराने वैचारिक रुख को मजबूत करता है, लेकिन इससे भाजपा को कांग्रेस विरोधी माहौल बनाने का मौका भी मिल सकता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
खड़गे के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी जमकर बहस छिड़ गई है। ट्विटर (X) और फेसबुक पर #KhargeVsModi और #RSSBan दो प्रमुख ट्रेंड बन गए हैं। कई यूजर्स खड़गे के बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं भाजपा समर्थक उन्हें “देशविरोधी” बता रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि “खड़गे ने वह सच कहा जो कई नेता कहने से डरते हैं।” जबकि कुछ का कहना है कि “कांग्रेस आरएसएस का नाम लेकर सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।”
कुल मिलाकर, मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में सरदार पटेल और आरएसएस की भूमिका पर बहस को जिंदा कर दिया है। जहां कांग्रेस इसे “लोकतंत्र की रक्षा का प्रयास” बता रही है, वहीं भाजपा इसे “देश की एकता पर हमला” करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

