
टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड टैरिफ में बढ़ोतरी कर सकती हैं
भारत के प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स जैसे Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea (Vi) मोबाइल यूजर्स के लिए प्रीपेड प्लान की कीमतों में संभावित वृद्धि की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इन कंपनियों द्वारा प्रीपेड रीचार्ज और डेटा प्लान्स के दामों में दिसंबर 2025 से सामान्यतः 10% तक की बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं को हर महीने अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
क्यों हो रहा है टैरिफ हाइक?
टेलीकॉम सेक्टर की वित्तीय सेहत और राजस्व में कमी प्रमुख वजह मानी जा रही है। सितंबर तिमाही में टेलीकॉम इंडस्ट्री का रेवेन्यू ग्रोथ लगभग 10% तक ही रहा, जो इससे पहले लगातार चार तिमाहियों में 14–16% तक दर्ज होता रहा है। इसी वजह से विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ बढ़ोतरी कंपनियों के लिए राजस्व को मजबूत करने का एक तरीका है। इसके अलावा उद्योग के संचालन, नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और डेटा सर्विसेज की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए भी कंपनियों को अधिक राजस्व की आवश्यकता होती है, जिससे टैरिफ संशोधन पर विचार किया जा रहा है।
क्या कब और कितना महंगा होगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1 दिसंबर 2025 से Jio, Airtel और Vi अपने रीचार्ज प्लानों की कीमतें बढ़ा सकते हैं। इन संभावित बढ़ौतरी में डेटा प्लान और अनलिमिटेड पैक दोनों शामिल हो सकते हैं, और अनुमान है कि कीमत में औसतन 10–12% तक की वृद्धि हो सकती है। इससे कुछ प्लान्स के दाम पहले से अधिक महंगे हो जाएंगे, जिससे मोबाइल डेटा और सेवाओं के लिए खर्च भी बढ़ सकता है।
कंपनियों की रणनीति और रेवेन्यू दबाव
टेलीकॉम कंपनियों ने पहले से ही कुछ सस्ते 1GB/दिन वाले प्रीपेड प्लान्स को हटाया या बदल दिया है, जिससे यूजर्स को अधिक महंगे पैक चुनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम Average Revenue Per User (ARPU) को बेहतर बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि नेटवर्क इंवेस्टमेंट और 5G विस्तार जैसी परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन जुटाए जा सकें।
उपभोक्ताओं पर असर और सुझाव
यदि प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में वृद्धि होती है, तो मोबाइल यूजर्स को महीने के खर्च में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो रोजाना इंटरनेट और कॉलिंग का भारी उपयोग करते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूजर्स लंबी वैधता वाले प्लान्स या बड़े डेटा पैक चुनकर संभावित बढ़े हुए खर्च को कम कर सकते हैं, जिससे प्रति दिन या प्रति माह खर्च बेहतर ढंग से मैनेज हो सके।
आगे क्या हो सकता है?
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा टेलीकॉम कंपनियों द्वारा नहीं की गई है, लेकिन बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस साल के अंत तक या 2026 के शुरुआती महीनों में टैरिफ हाइक की प्रक्रिया को तेजी से लागू किया जा सकता है। यदि यह हाइक लागू होता है, तो यह पिछले कुछ समय में टेलीकॉम सेक्टर की दूसरी बड़ी कीमत वृद्धि होगी।
यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक घोषणाओं और टेलीकॉम कंपनियों के बयान की पुष्टि के लिए संबंधित कंपनियों या सरकारी स्रोतों की पुष्टि देखें।
