By:vikash kumar (vicky)
चंडीगढ़/मोहाली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बीच उस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल अस्पताल परिसर को घेर लिया, एंटी-सैबोटाज जांच शुरू की और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी बीच मोहाली के कई निजी और सरकारी स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिलने की सूचना है, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन स्कूल परिसरों की जांच कराई और कुछ स्थानों पर कक्षाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गईं।

क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भर्ती थे। इसी दौरान अस्पताल प्रबंधन को एक अज्ञात ईमेल के जरिए धमकी मिली कि परिसर को निशाना बनाया जाएगा। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी निगरानी शुरू की गई, पार्किंग एरिया खाली कराया गया और मरीजों व परिजनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की गई।

अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन मानक प्रोटोकॉल के तहत हर वार्ड, आईसीयू और सार्वजनिक क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली गई। साइबर सेल ने धमकी भरे ईमेल की आईपी ट्रेसिंग और सर्वर डिटेल्स खंगालना शुरू कर दिया है।

मोहाली के स्कूलों में भी अलर्ट
इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मोहाली के कई स्कूलों को भी प्राप्त हुए। प्रशासन ने एहतियातन कुछ स्कूलों में छात्रों को घर भेज दिया, जबकि कई संस्थानों में पुलिस की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “फिलहाल यह शरारती तत्वों की हरकत प्रतीत होती है, लेकिन हम किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं कर रहे। सभी संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री की सुरक्षा पहले से ही उच्च स्तर की होती है। घटना के बाद अस्पताल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, वहीं सत्तापक्ष ने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

साइबर एंगल की जांच
हाल के महीनों में देशभर में स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को ईमेल के जरिए धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह किसी बड़े पैटर्न का हिस्सा है या अलग-थलग घटना। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार वीपीएन और विदेशी सर्वर का इस्तेमाल कर ट्रेसिंग को मुश्किल बनाया जाता है, लेकिन डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों से स्रोत तक पहुंचना संभव है।

अस्पताल प्रशासन का बयान
अस्पताल प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा कि सभी मरीज सुरक्षित हैं और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। “हमने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है। किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है,” बयान में कहा गया।

अभिभावकों और नागरिकों के लिए सलाह
अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल आधिकारिक अपडेट देखें।
संदिग्ध ईमेल/मैसेज मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
स्कूल प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।
आगे क्या?
जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत, टाइम-स्टैम्प और तकनीकी हेडर की जांच कर रही हैं। यदि यह संगठित साजिश पाई जाती है तो आईटी एक्ट और आपराधिक धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई संभव है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और मुख्यमंत्री की सेहत स्थिर है।
