पटना/किशनगंज। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को किशनगंज और पूर्णिया में जनसभाएं कर माहौल गरमा दिया। अपने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर “वोट चोरी की साजिश” का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है, और इस बार जनता चोरी नहीं होने देगी।”

राहुल गांधी की ये रैलियां ऐसे समय में हुईं जब बिहार में दूसरे चरण के मतदान से पहले सभी दलों ने प्रचार की आखिरी झड़ी लगा दी है। किशनगंज और पूर्णिया में कांग्रेस के उम्मीदवारों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग उमड़े। राहुल के मंच पर आते ही “भारत जोड़ो” और “वोट बचाओ” के नारे गूंज उठे।
मोदी-शाह पर राहुल का सीधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा,
“मोदी जी और अमित शाह जी चुनाव नहीं लड़ते, वे सिस्टम से लड़ते हैं। वोटिंग मशीन से लड़ते हैं, और जनता के वोट पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस बार बिहार के लोग ईवीएम की नहीं, अपने विवेक की ताकत दिखाएंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार हर चुनाव में जनता की आवाज दबाने की कोशिश करती है। राहुल ने कहा कि “देश के लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, संस्थाएं डर में हैं, लेकिन बिहार हमेशा से लोकतंत्र की धरती रहा है।”
किशनगंज में राहुल का भावनात्मक अपील
किशनगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिहार की जनता ने हमेशा सच और न्याय का साथ दिया है। उन्होंने कहा,
“किशनगंज की जनता ने हमेशा एकता और भाईचारे का संदेश दिया है। लेकिन आज देश को बांटने की राजनीति चरम पर है। मोदी जी कहते हैं कि वे गरीबों के लिए काम करते हैं, लेकिन असलियत यह है कि उन्होंने सिर्फ अमीरों के लिए दरवाजे खोले हैं।”
राहुल ने इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे, किसानों को MSP की गारंटी दी जाएगी और गैस सिलेंडर की कीमतें घटाई जाएंगी।
पूर्णिया की रैली में जनता का उत्साह
पूर्णिया में राहुल गांधी की रैली में भारी भीड़ उमड़ी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “जय भारत” और “न्याय चाहिए” के नारे लगाए। राहुल ने यहां फिर से वोट चोरी के मुद्दे को दोहराया और कहा,
“आज भाजपा को जनता पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए वे वोट की चोरी पर उतर आए हैं। लेकिन बिहार की जनता सब जानती है। इस बार चोरी नहीं, जनता का फैसला होगा।”
राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग संविधान और लोकतंत्र पर हमला करते हैं, उन्हें जनता जवाब देगी। उन्होंने भीड़ से अपील की कि मतदान के दिन बड़ी संख्या में बाहर निकलकर वोट करें और “लोकतंत्र को बचाने का काम” करें।
कांग्रेस का चुनावी वादा
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कांग्रेस के कुछ प्रमुख वादे भी गिनाए —
हर गरीब परिवार को न्यूनतम आय सहायता योजना के तहत 10,000 रुपये महीना।
किसानों के लिए कर्ज माफी और एमएसपी की कानूनी गारंटी।
युवाओं को नई सरकारी नौकरियां और निजी क्षेत्र में रोजगार की सुरक्षा।
महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 50% आरक्षण।
शिक्षा और स्वास्थ्य को जनअधिकार के रूप में लागू करना।
उन्होंने कहा कि ये वादे सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि “जनता के अधिकार” हैं जिन्हें कांग्रेस सरकार बनने के बाद पूरा करेगी।
एनडीए पर करारा हमला
राहुल गांधी ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में भाजपा और उसके सहयोगी दल जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
“ये लोग जाति और धर्म के नाम पर लड़वाते हैं, लेकिन असल में ये जनता की जेब काटने का काम करते हैं। इनसे सवाल पूछो तो जवाब में झूठी कहानियां सुनाते हैं।”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा,
“मोदी जी हर जगह कहते हैं कि उन्होंने देश बदल दिया, लेकिन बेरोजगारी, महंगाई, और किसानों की हालत नहीं बदली। बिहार के युवा दिल्ली, मुंबई और सूरत जाकर काम करने को मजबूर हैं। ये कैसा विकास है?”
स्थानीय नेताओं का समर्थन और भीड़ की प्रतिक्रिया
किशनगंज और पूर्णिया की रैलियों में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और महागठबंधन के कई उम्मीदवारों ने राहुल गांधी के साथ मंच साझा किया। मंच से नेताओं ने राहुल को “लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी” बताया और कहा कि जनता इस बार बदलाव के मूड में है।
भीड़ में मौजूद कई युवाओं ने कहा कि राहुल गांधी की बातें उन्हें “ईमानदार और संघर्षशील नेता” की तरह लगती हैं। कई महिला मतदाताओं ने कहा कि वे कांग्रेस के रोजगार और शिक्षा से जुड़े वादों से प्रभावित हैं।
चुनाव विश्लेषण और राजनीतिक प्रभाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की किशनगंज और पूर्णिया की रैलियां सीमांचल क्षेत्र में कांग्रेस के जनाधार को मजबूत कर सकती हैं। मुस्लिम और दलित मतदाताओं के बीच कांग्रेस की पकड़ पारंपरिक रूप से मजबूत रही है, और राहुल का वोट चोरी वाला मुद्दा विपक्षी एकता के लिए लाभदायक हो सकता है।
हालांकि भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि “कांग्रेस पहले ही हार मान चुकी है और अब बेबुनियाद बातें कर रही है।”
बिहार चुनाव 2025 के बीच राहुल गांधी की इन रैलियों ने राजनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है। वोट चोरी का मुद्दा अब विपक्ष के मुख्य अभियान का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी की यह रणनीति जनता के मन तक कितनी गहराई से पहुंचती है।

