By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे को उठाया। राहुल गांधी के सवालों और सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद सदन की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने किसान, अडानी और एपस्टीन फाइल्स का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए।

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान राहुल गांधी ने डोकलाम क्षेत्र में भारत-चीन सीमा से जुड़े हालात का जिक्र किया। उन्होंने सरकार से यह जानना चाहा कि डोकलाम में वर्तमान स्थिति क्या है और चीन की गतिविधियों पर सरकार क्या कदम उठा रही है। राहुल गांधी का आरोप था कि सरकार देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद और जनता को पूरी जानकारी नहीं दे रही है।
राहुल गांधी के इस सवाल के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताते हुए विरोध किया, वहीं कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राहुल गांधी का समर्थन किया। हंगामा इतना बढ़ गया कि लोकसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी संसद परिसर में मीडिया के सामने आए और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, “हमने डोकलाम जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाया, लेकिन सरकार चर्चा से भाग रही है।”
किसानों का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश का किसान आज भी परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि किसानों की आय, कर्ज और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि संसद में किसानों की आवाज दबाई जा रही है।

राहुल गांधी ने उद्योगपति अडानी का नाम लेते हुए सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है और सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार को संसद में इस पर खुलकर जवाब देना चाहिए।
इसके अलावा राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन भारत सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है और इसलिए संसद में चर्चा से बच रही है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने के बजाय मौन साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है और सरकार को जवाब देना चाहिए।
वहीं, भाजपा की ओर से राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के आरोप लगाकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर हंगामा कर संसद नहीं चलने देना चाहता।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डोकलाम, किसान और उद्योगपतियों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक घमासान और तेज हो सकता है।
गौरतलब है कि डोकलाम भारत-चीन सीमा से जुड़ा एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है और इस पर पहले भी संसद में बहस होती रही है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर पारदर्शिता नहीं बरत रही, जबकि सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है।

संसद में हुए इस हंगामे के बाद यह साफ है कि मौजूदा सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है। विपक्ष जहां इन मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि वह हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
