By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो संदेश में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के किसान भारत की असली नींव हैं और देश की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह किसानों की मेहनत पर निर्भर करती है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र की Modi Government ने अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते के जरिए किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया है।

वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा, “भारत के किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अगर किसान कमजोर होगा तो देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दोनों पर खतरा मंडराएगा।” उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर छोटे और मध्यम किसानों पर पड़ रहा है।

व्यापार समझौते पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने संदेश में अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस समझौते से भारतीय कृषि बाजार पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सस्ते आयात और कृषि उत्पादों पर नीतिगत बदलावों के कारण भारतीय किसानों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। “सरकार को यह समझना होगा कि विदेशी दबाव में लिए गए फैसले देश के करोड़ों किसानों के भविष्य को प्रभावित करते हैं,” उन्होंने कहा।
किसानों को बताया देश की ताकत
राहुल गांधी ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था किसानों की मेहनत और समर्पण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब भी भारतीय किसानों ने उत्पादन जारी रखा और देश को खाद्यान्न की कमी नहीं होने दी।

उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लागत बढ़ने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर अनिश्चितता और बाजार में अस्थिरता जैसी समस्याएं पहले से ही मौजूद हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं।
सरकार की नीतियों पर सवाल
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की कृषि नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लिए गए फैसलों से किसानों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को किसानों से संवाद बढ़ाना चाहिए और उनकी सहमति के बिना कोई बड़ा नीति निर्णय नहीं लेना चाहिए।

उन्होंने कहा, “किसान केवल वोट बैंक नहीं हैं। वे इस देश की आत्मा हैं। यदि उनकी आय और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो देश की आर्थिक प्रगति अधूरी रह जाएगी।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल जहां इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर सकते हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से भी जवाब आने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के तहत कृषि क्षेत्र हमेशा संवेदनशील विषय रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का यह बयान आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श को और तेज कर सकता है।

किसान संगठनों की भूमिका अहम
कई किसान संगठनों ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि सस्ते आयात बढ़ते हैं तो घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी।

राहुल गांधी का यह वीडियो संदेश ऐसे समय में आया है जब कृषि क्षेत्र में सुधार और व्यापार नीतियों को लेकर देश में व्यापक चर्चा चल रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति अपनाए और किसी भी समझौते से पहले व्यापक परामर्श करे।
राहुल गांधी के वीडियो संदेश ने एक बार फिर कृषि और व्यापार नीति को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने किसानों को देश की नींव बताते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियां किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और अधिक तूल पकड़ता है।

