
झारखंड की राजधानी रांची से दर्दनाक खबर सामने आई है। जिले के बुढ़मू प्रखंड के एक गांव में आसमान से गिरी बिजली (वज्रपात) ने दो लोगों की जान ले ली। इस हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है। परिजन और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। झारखंड में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं और हर साल कई लोगों की जान चली जाती है।
हादसे की पूरी घटना
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट बदली। तेज गर्जना और बारिश के बीच आसमान से गिरी वज्रपात की चपेट में दो लोग आ गए। दोनों ग्रामीण खेत के पास काम कर रहे थे। बिजली गिरते ही दोनों मौके पर ही गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। परिजन बेसुध हो गए और पूरा गांव शोक में डूब गया।

मृतकों की पहचान
घटना में जिन दो लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान [यहां वास्तविक नाम व उम्र जोड़े जा सकते हैं] के रूप में हुई है। दोनों ही गांव के मेहनतकश किसान थे और अपने परिवार का भरण-पोषण खेती से करते थे। परिवारवालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रशासन की पहल
हादसे की सूचना मिलते ही बुढ़मू थाना पुलिस और प्रखंड प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार की ओर से वज्रपात पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का प्रावधान है। उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ही परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा।
गांव में मातम
मौत की खबर जैसे ही फैली, पूरा गांव गमगीन हो गया। लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। हर किसी की जुबान पर यही है कि वज्रपात की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
झारखंड में वज्रपात की समस्या
झारखंड देश के उन राज्यों में शामिल है जहां हर साल वज्रपात से बड़ी संख्या में मौतें होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून और प्री-मानसून सीजन में झारखंड के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना ज्यादा रहती है।
2023 में वज्रपात से झारखंड में 250 से अधिक मौतें दर्ज की गई थीं।
ग्रामीण इलाकों में लोग खेत-खलिहान में काम करते समय अक्सर इसकी चपेट में आ जाते हैं।
सरकार समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की अपील करती है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण हादसे बढ़ जाते हैं।
बचाव के उपाय
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग वज्रपात से बचाव के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी करता है:

1. गर्जन-तड़ित होते ही तुरंत पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
2. पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले खेत में खड़े होने से बचें।
3. मोबाइल फोन का उपयोग करने और धातु की वस्तुओं को छूने से परहेज करें।
4. अगर पास में कोई सुरक्षित जगह नहीं है तो जमीन पर झुककर बैठ जाएं और शरीर को जितना संभव हो छोटा कर लें।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने झारखंड के कई जिलों में आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बुढ़मू में वज्रपात से हुई दो मौतों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदा का कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता। हालांकि सावधानी और सतर्कता बरतकर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह ग्रामीणों को समय-समय पर जागरूक करे और पीड़ित परिवारों को तत्काल मदद उपलब्ध कराए।

