By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में उस समय हड़कंप मच गया जब रांची सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरा संदेश मिलते ही पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर गहन तलाशी अभियान चलाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई है। संदेश में कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। सूचना मिलते ही कोर्ट में मौजूद न्यायिक अधिकारी, वकील, कर्मचारी और आम लोग दहशत में आ गए। एहतियातन सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जांच जारी है। पुलिस साइबर सेल को भी अलर्ट किया गया है ताकि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह शरारती तत्वों की हरकत हो सकती है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब रांची सिविल कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले भी कोर्ट को निशाना बनाकर धमकी भरे संदेश भेजे जा चुके हैं। हर बार सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता दिखाते हुए पूरे परिसर की जांच की है और स्थिति को सामान्य किया है। लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
घटना के बाद कोर्ट परिसर के आसपास पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। आने-जाने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही है और पहचान पत्र की जांच अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी तेज कर दी गई है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायिक संस्थानों को इस प्रकार की धमकियां देना गंभीर अपराध है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि आम लोगों में भय का माहौल भी बनता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। ईमेल के तकनीकी विश्लेषण के जरिए आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना के बाद अदालत में चल रहे कई मामलों की सुनवाई अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य होते ही कार्यवाही पुनः शुरू कर दी जाएगी। न्यायिक कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए वैकल्पिक सुरक्षा इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और पूरे राज्य में संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। विशेषकर न्यायालय परिसरों, सरकारी भवनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियों के पीछे असामाजिक तत्वों का उद्देश्य दहशत फैलाना और प्रशासन को चुनौती देना हो सकता है। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच बेहद अहम होती है, क्योंकि ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए दी गई धमकियों का डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड होता है, जिससे अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है।
फिलहाल रांची सिविल कोर्ट परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद स्थिति सामान्य घोषित कर दी गई। बावजूद इसके सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और आने वाले दिनों में निगरानी और कड़ी की जाएगी।

रांची के नागरिकों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि न्यायालय जैसी महत्वपूर्ण संस्था को निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। यदि यह फर्जी धमकी साबित होती है, तो भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, रांची सिविल कोर्ट को मिली इस ताजा धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन की तत्परता से किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया गया। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं।

