By: Vikash Kumar(Vicky)
देवघर। उपायुक्त – सह – जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार एवं जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा माह 2026 के ग्यारहवें दिन “सचेत झारखण्ड ड्रिंक एंड ड्राइव जागरूकता अभियान” का आयोजन जिले के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक करना रहा।

अभियान के दौरान यातायात पुलिस एवं जिला परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा Breath Analyser यंत्र की सहायता से वाहन चालकों के ब्लड में अल्कोहल की मात्रा की जांच की गई। जांच के क्रम में कुल 02 वाहन चालक “Drunk and Drive” के मामले में दोषी पाए गए, जिनके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई हेतु उन्हें यातायात कार्यालय भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह स्वयं चालक, उसके परिवार एवं समाज के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है।
जागरूकता अभियान के दौरान वाहन चालकों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पंपलेट वितरित किए गए, जिनमें शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं, जान-माल की क्षति और कानूनी दंड की विस्तृत जानकारी दी गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मियों ने लोगों को बताया कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं, जिनमें शराब सेवन, तेज गति, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग और हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग न करना प्रमुख कारण हैं।
अधिकारियों ने विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट की अनिवार्यता तथा चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यह भी बताया गया कि तेज गति से वाहन चलाने पर चालक का वाहन पर नियंत्रण कम हो जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। मोबाइल फोन पर बात करते हुए या मैसेज देखते हुए वाहन चलाना भी जानलेवा साबित हो सकता है।
सड़क सुरक्षा माह के तहत आज सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ का भी संचालन किया गया। यह रथ सारवां प्रखंड क्षेत्र का भ्रमण करते हुए आम लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करता रहा। इस क्रम में थाना प्रभारी, सारवां के द्वारा अपने कार्यालय परिसर में सड़क सुरक्षा शपथ समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित पुलिसकर्मियों एवं कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने एवं आम जनता को इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई। इसके उपरांत जागरूकता रथ को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं बाजारों में आम लोगों के बीच प्रचार-प्रसार हेतु रवाना किया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा माह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। यदि सभी नागरिक यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक जागरूकता और रोकथाम पर केंद्रित है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में मोटरयान निरीक्षक, देवघर श्री अमित कुमार झा, श्री सुभाष तिग्गा, श्री प्रथम कुमार रजवार, यातायात प्रभारी संजय कुमार, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक, देवघर श्री शिव कुमार राय, प्रधान लिपिक टी.एन. मिश्रा, सड़क अभियंत्रिकी विश्लेषक श्री प्रविंद कुमार, आई.टी. सहायक श्री अजय कुमार सहित यातायात पुलिस एवं जिला परिवहन विभाग के कई कर्मी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। शराब पीकर वाहन न चलाएं, तेज गति से बचें, हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और मोबाइल फोन से दूरी बनाकर ही वाहन चलाएं। यही सतर्कता सड़क पर जीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

