By: Vikash Kumar ( Vicky )
सर्दियों का मौसम आते ही बाजारों में हरी सब्जियों की भरमार देखने को मिलती है। खासतौर पर इस मौसम में साग की मांग सबसे ज्यादा होती है। सरसों का साग और बथुआ का साग सर्दियों में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले सागों में शामिल हैं। दोनों ही साग स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि सरसों और बथुआ में से कौन सा साग ज्यादा फायदेमंद है। अगर आप भी यही जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। सरसों और बथुआ दोनों को ही सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है। इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ठंड के मौसम में मजबूत बनाने में मदद करते हैं। हालांकि इनके फायदे अलग-अलग हैं और शरीर पर इनका असर भी अलग तरह से पड़ता है। आइए विस्तार से जानते हैं दोनों सागों के पोषक तत्व और स्वास्थ्य लाभ।
सरसों के साग के पोषक तत्व
सरसों का साग पोषण का खजाना माना जाता है। इसमें विटामिन A, C और K भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स भी मौजूद होते हैं। सरसों के साग में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। सरसों का साग हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और विटामिन K अच्छी मात्रा में होता है। यह दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक माना जाता है। सर्दियों में सरसों का साग खाने से शरीर को गर्मी मिलती है और ठंड से बचाव होता है।

बथुआ के साग के पोषक तत्व
बथुआ का साग भी पोषण से भरपूर होता है और आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों वाला माना गया है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। बथुआ विटामिन A और C का भी अच्छा स्रोत है, जो आंखों और त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। बथुआ का साग खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज, गैस और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। जिन लोगों को सर्दियों में पेट की समस्या रहती है, उनके लिए बथुआ का साग बेहद उपयोगी माना जाता है।
सरसों और बथुआ में कौन सा साग ज्यादा फायदेमंद
अगर हड्डियों को मजबूत बनाना, इम्यूनिटी बढ़ाना और शरीर को गर्म रखना आपका उद्देश्य है, तो सरसों का साग ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। वहीं अगर आपकी प्राथमिकता पाचन सुधारना, खून की कमी दूर करना और शरीर को डिटॉक्स करना है, तो बथुआ का साग बेहतर विकल्प हो सकता है। सेहत के लिहाज से दोनों साग अपने-अपने स्थान पर बेहद उपयोगी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में दोनों सागों को बारी-बारी से अपने आहार में शामिल करना सबसे अच्छा विकल्प है। इससे शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में मिलते हैं।
किसे कौन सा साग खाना चाहिए
जिन लोगों को कब्ज, एसिडिटी या पेट की समस्या रहती है, उन्हें बथुआ का साग ज्यादा लाभ दे सकता है। वहीं कमजोर हड्डियों, जोड़ों के दर्द या इम्यूनिटी कम होने की शिकायत वाले लोगों के लिए सरसों का साग ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। सरसों और बथुआ दोनों ही साग सर्दियों के लिए वरदान माने जाते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि दोनों ही सेहत का असली खजाना हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि आप दोनों सागों को संतुलित मात्रा में अपने डाइट प्लान का हिस्सा बनाएं।
यह लेख सामान्य पोषण जानकारी और घरेलू मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या विशेष डाइट अपनाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। newsbag.in इसकी पूर्ण सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता।
