By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। सत्संग साइंस कॉलेज परिसर में शुक्रवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक आदिवासी छात्र के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना सामने आई। घटना के बाद आक्रोशित आदिवासी छात्रावास के छात्रों ने मारपीट में शामिल बताए जा रहे एक छात्रा को पकड़कर कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
घटना को लेकर कॉलेज परिसर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस और कॉलेज प्रशासन लगातार छात्रों से वार्ता कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
चाय पीने गए छात्रों के साथ मारपीट का आरोप
छात्र नेता सृजन सौरेन ने घटना के संबंध में बताया कि शुक्रवार सुबह आदिवासी कल्याण छात्रावास के कुछ छात्र चाय पीने के लिए कॉलेज परिसर के बाहर गए थे। चाय पीकर लौटने के क्रम में कॉलेज कैंपस के अंदर एनसीसी कैडरों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना में आदिवासी छात्र मंगलेश्वर मरांडी और मुन्ना मरांडी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी छात्रावास के अन्य छात्र मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज परिसर में एनसीसी कैडरों और कुछ असामाजिक तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आदिवासी छात्रों की सुरक्षा खतरे में है।
छात्रा को प्राचार्य कार्यालय में किया गया बंद
घटना के विरोध में आदिवासी छात्रों ने मारपीट में शामिल बताई जा रही एक छात्रा को पकड़कर कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में बंद कर दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक मामले का निष्पक्ष निवारण नहीं किया जाता, तब तक वे प्राचार्य कार्यालय का घेराव जारी रखेंगे।
इस दौरान कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

पुलिस मौके पर, समझाने का प्रयास
घटना की सूचना पाकर नगर थाना की पुलिस टीम सत्संग कॉलेज के साइंस ब्लॉक पहुंची। पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि छात्रों ने साफ कहा कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि लिखित निर्णय और कार्रवाई चाहते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है।
आदिवासी छात्रावास के छात्रों की प्रमुख मांगें
आदिवासी कल्याण छात्रावास के छात्रों ने सत्संग कॉलेज के प्राचार्य को एक लिखित आवेदन सौंपते हुए कई मांगें रखी हैं। छात्रों का कहना है कि यदि शाम 4:00 बजे तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो कॉलेज में तालाबंदी की जाएगी।
छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
मारपीट की घटना में शामिल एनसीसी कैडरों पर अविलंब कार्रवाई की जाए।
एनसीसी कैडरों के कार्यालय को साइंस ब्लॉक से हटाकर आर्ट्स ब्लॉक में शिफ्ट किया जाए।
कॉलेज परिसर और छात्रावास की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आदिवासी छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव और उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
6 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले का समाधान नहीं हुआ तो 6 जनवरी से आदिवासी छात्रावास के छात्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके साथ ही कॉलेज में तालाबंदी भी जारी रखी जाएगी।
छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि निवारण होने तक कॉलेज परिसर के अंदर या आसपास यदि एनसीसी कैडरों या किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा छात्रावास के छात्रों पर किसी प्रकार का जानलेवा हमला होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।
कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
फिलहाल कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सभी की निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है।
