देश के लाखों होम लोन ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने होम लोन की ब्याज दरों में कटौती की है, जिसका सीधा फायदा नए और मौजूदा दोनों तरह के ग्राहकों को मिलेगा। आज से लागू इस फैसले के बाद होम लोन सस्ता हो गया है और मंथली EMI का बोझ पहले के मुकाबले कम हो जाएगा। इससे आम लोगों की जेब पर दबाव घटेगा और लंबी अवधि में अच्छी-खासी बचत भी संभव होगी।

ब्याज दरों में कितनी कटौती?
SBI ने अपने रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) से जुड़े होम लोन पर ब्याज दरों में कटौती की है। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नई ब्याज दरें ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर और लोन प्रोफाइल के आधार पर तय की जाएंगी। अब SBI का होम लोन पहले की तुलना में कम ब्याज दर पर उपलब्ध होगा, जिससे घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति और बाजार में तरलता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। ब्याज दरों में मामूली कटौती भी लंबे समय के होम लोन में EMI और कुल ब्याज भुगतान पर बड़ा असर डालती है।
EMI पर कितना पड़ेगा असर?
अगर किसी ग्राहक ने 20 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है और ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती होती है, तो उसकी मंथली EMI में हजारों रुपये तक की कमी आ सकती है। इसका मतलब है कि हर महीने कम भुगतान करना होगा और सालाना बचत बढ़ेगी।
उदाहरण के तौर पर, पहले जहां EMI करीब 41,000 रुपये के आसपास थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 40,000 रुपये या उससे भी कम हो सकती है। लंबे समय में देखें तो कुल ब्याज भुगतान में लाखों रुपये की बचत संभव है।
नए और पुराने ग्राहकों को फायदा
SBI का यह फैसला न सिर्फ नए होम लोन लेने वालों के लिए फायदेमंद है, बल्कि मौजूदा ग्राहकों को भी राहत देगा। जिन ग्राहकों का लोन रेपो रेट से जुड़ा हुआ है, उन्हें ब्याज दरों में कटौती का लाभ अपने आप मिल जाएगा। इसके लिए अलग से कोई आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
वहीं, जिन ग्राहकों का लोन अभी पुराने फ्लोटिंग या फिक्स्ड रेट पर है, वे चाहें तो अपने लोन को नई दरों पर स्विच कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए बैंक की शर्तें और मामूली प्रोसेसिंग फीस लागू हो सकती है।
घर खरीदने वालों के लिए सुनहरा मौका
रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि SBI की इस पहल से हाउसिंग डिमांड में तेजी आ सकती है। कम ब्याज दरों के चलते पहली बार घर खरीदने वालों (First Time Home Buyers) का उत्साह बढ़ेगा। इसके अलावा, जो लोग अब तक ऊंची EMI की वजह से घर खरीदने का फैसला टाल रहे थे, उनके लिए यह सही समय हो सकता है।
त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के समय में ब्याज दरों में कटौती से प्रॉपर्टी मार्केट को भी बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
क्रेडिट स्कोर का रहेगा अहम रोल
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि SBI होम लोन की ब्याज दरें पूरी तरह ग्राहक के क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती हैं। जिन ग्राहकों का सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, उन्हें सबसे कम ब्याज दर का फायदा मिलेगा। वहीं, कम स्कोर वालों को अपेक्षाकृत ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है।
बैंकिंग एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि होम लोन लेने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करें और समय पर EMI व अन्य भुगतान कर स्कोर को बेहतर बनाए रखें।
महिलाओं और खास कैटेगरी को अतिरिक्त लाभ
SBI महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और कुछ विशेष कैटेगरी के ग्राहकों को अतिरिक्त रियायतें भी देता है। महिला ग्राहकों को ब्याज दरों में अतिरिक्त छूट मिल सकती है, जिससे उनकी EMI और भी कम हो जाएगी। इसके अलावा, बैंक समय-समय पर प्रोसेसिंग फीस में छूट या जीरो प्रोसेसिंग फीस जैसे ऑफर भी देता है।
क्या करें ग्राहक?
अगर आप नया घर खरीदने या पुराने होम लोन को सस्ता कराने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय हो सकता है। SBI की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से नई ब्याज दरों, शर्तों और ऑफर्स की पूरी जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा, लोन एग्रीमेंट की शर्तों को ध्यान से पढ़ना और EMI कैलकुलेटर की मदद से अपनी मासिक किस्त का अनुमान लगाना भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, SBI का होम लोन सस्ता होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। EMI का बोझ कम होगा, बचत बढ़ेगी और घर खरीदने का सपना पूरा करना थोड़ा और आसान हो जाएगा। मौजूदा आर्थिक हालात में यह फैसला मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।

