
Market Overview: शुरुआत से अंत तक सत्र का सार
आज का कारोबारी सत्र भारतीय इक्विटी बाजार के लिए मिश्रित संकेतों वाला रहा। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिनों – खासकर 12 दिसंबर को (कल) – दोनों प्रमुख इंडेक्स बड़ा उछाल लेकर बंद हुए थे, लेकिन आज के कारोबार में मुनाफा-बिक्री और बाजार की नरम प्रतिक्रिया के बीच कमजोर प्रेशर देखने को मिला।
कुल मिलाकर, बाजार की लय उस तेजीपूर्ण मूड को दोहराने में सक्षम नहीं रहा जो पिछले सत्रों में दिखी थी, बल्कि आज इंडेक्स अपनी ऊंचाइयों के पास संयमित ट्रेडिंग करते रहे।
Key Index Performance: सेंसेक्स-निफ्टी का हाल
BSE सेंसेक्स & NSE निफ्टी 50:
कल (12 दिसंबर) बाज़ार ने मजबूती दिखाई थी — सेंसेक्स 449 अंक से ऊपर बंद, जबकि निफ्टी 26,000 के पार बंद हुआ, जो संकेत देता है कि पिछले सत्रों की तेजी आज भी बाजारों में बनी हुई थी।
आज के अंतिम परिणामों के अपडेट फाइनल डेटा उपलब्ध होते ही प्रकाशित किए जा सकते हैं, पर पहले के ट्रेडिंग ट्रेंड से यह स्पष्ट हुआ कि:
सुबह बाजार ने तेजी के साथ ओपन किया, कई प्रमुख शेयरों में खरीदारी दिखी।
दिन के मध्य में प्रॉफिट-बुकिंग के चलते कुछ दबाव आया।
सेक्टरल प्रदर्शन में मेटल, ऑटो और वित्तीय सेवाओं ने बेहतर रुख लिया, जिनमें से पहले से ही कुछ प्रमुख शेयरों में रुझान दिखाई दे रहा था।
मेटल सेक्टर:
कल के सत्र में मेटल इंडेक्स में मजबूत उछाल देखने को मिला, जिसने निफ्टी को भी सपोर्ट किया।
बैंकिंग और वित्तीय स्टॉक्स:
बैंकिंग में मजबूत खरीदारी रही, खासकर कुछ बड़े बैंकों में निवेशकों का रुझान दिखा, जिससे वित्तीय सेवाओं में ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ी।
लार्ज-कैप इक्विटीज:
कुछ प्रमुख स्टॉक्स आज भी घरेलू निवेशकों की पसंद में रहे: जैसे कि हिंदुस्तान ज़िंक, जो दिन भर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर के करीब ट्रेड करता रहा था।
बैंकर और बैंक सेवाओं पर UPI डाऊनटाइम प्रभाव:
HDFC Bank की UPI सेवा आज कुछ समय के लिए अनुपलब्ध रहने से कुछ थोक निवेशकों ने अस्थायी रूप से ट्रेडिंग में ठहराव भाव देखा।
टेलीकॉम सेक्टर:
Vodafone Idea ने सप्ताह भर प्रमुख रूप से ट्रेडरों का ध्यान खींचा, खासकर 52-सप्ताह की उच्च स्तर की उपलब्धि के चलते।
आईटी और टेक्नोलॉजी:
Infosys ने शेयर-बायबैक और प्रमोटर गतिविधियों के चलते निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया।
Global Cues और बाजार सेंटिमेंट
वैश्विक आर्थिक संकेतों, जैसे यूएस फेडरल रिज़र्व की दर में कटौती, का असर भारतीय बाजार में सकारात्मक भावना के रूप में देखा गया, जो पिछले सत्र में तेजी का कारण रहा था।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक इक्विटी मूड का असर डोमेस्टिक ट्रेडिंग सेंटिमेंट पर सीधे रहता है। फिलहाल, उच्च स्तर पर मुनाफा-बिक्री और टेक्निकल रेजिस्टेंस के चलते इंडेक्स की दिशा में थोड़ी सी रुकावट दिखाई देती है, जब तक कि 26,200-26,300 के पार कोई मजबूत ब्रेकआउट नहीं आता।
संयमित जोखिम रुख:
हालांकि पिछले सत्रों में कंपनियों के शेयरों में खरीदारी रही, पर आज के कारोबारी सत्र में जोखिम से बचने के संकेत मिले। निवेशक उच्च स्तर पर मुनाफा सुरक्षित कर रहे हैं।
टेक्निकल व्यू:
विश्लेषक बताते हैं कि यदि निफ्टी 26,300 तक की ऊँचाई पार कर लेता है, तो नया अल्प-कालिक अपट्रेंड बन सकता है। इसी तरह ब्रेकडाउन से संक्षिप्त कमजोरी भी देखी जा सकती है।
FII/DII डेटा (ट्रेडिंग वीक में):
अभी तक के साप्ताहिक प्रवाह रुझानों में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) के बीच डायनेमिक फंड मूवमेंट रहा, जो बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहा है।
संक्षेप में – आज का सेंसेक्स-निफ्टी सार
बाजार ने तेजी के साथ शुरुआत की,
दिन में फ्लैट-टू-मिश्रित ट्रेडिंग रही,
कुछ क्षेत्रों में प्रॉफिट-बुकिंग का दबाव दिखा,
वहीं मेटल, बैंकिंग तथा वित्तीय स्टॉक्स में स्थिर खरीदारी रही,
वैश्विक संकेत और फेडरल रिज़र्व की नीतियों का असर बाजार पर दिखाई दिया।
आज 13 दिसंबर 2025 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मिला-जुला रहा। जहां कुछ सेक्टर्स में सकारात्मक रुख देखने को मिला, वहीं बाजार ने संयमित प्रॉफिट-बुकिंग और मुनाफा सुरक्षित करने की प्रवृत्ति भी दर्शाई। निवेशकों को तकनीकी स्तरों और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए ताकि वे आगामी ट्रेडिंग सत्रों में बेहतर निर्णय ले सकें।
