By: Vikash Kumar (Vicky)
24 जनवरी 2026 को शीतला षष्ठी का पावन व्रत रखा जाएगा। माघ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह व्रत मां शीतला को समर्पित है। इस दिन देवी शीतला की पूजा और व्रत करने से मन को शांति मिलती है, सौभाग्य की प्राप्ति होती है और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलने के योग बनते हैं। श्रद्धा के साथ यह व्रत करने से इसका पूर्ण फल प्राप्त किया जा सकता है। आइए आचार्य इंदु प्रकाश जी से जानते हैं सौभाग्य और संतान प्राप्ति के लिए शीतला षष्ठी के दिन किए जाने वाले कुछ सरल उपाय।

हिंदू धर्म में शीतला षष्ठी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। यह व्रत विशेष रूप से माताओं, विवाहित महिलाओं और संतान सुख की कामना करने वाले दंपतियों द्वारा किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां शीतला रोगों से रक्षा करने वाली देवी हैं और इनकी कृपा से घर में सुख, शांति और आरोग्य बना रहता है।
शीतला षष्ठी व्रत का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार शीतला माता को शीतलता और आरोग्य की देवी माना जाता है। इस व्रत को करने से चेचक, बुखार और अन्य रोगों से रक्षा होती है। साथ ही संतान से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शीतला षष्ठी पर ठंडे भोजन का विशेष महत्व
शीतला षष्ठी के दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता। एक दिन पहले बना हुआ ठंडा या बांसी भोजन ही माता को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि ठंडा भोजन अर्पित करने से मां शीतला प्रसन्न होती हैं और परिवार को रोगमुक्त रखती हैं।

शीतला षष्ठी की पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर या मंदिर में मां शीतला की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। माता को जल, रोली, चावल, फूल और ठंडे भोजन का भोग लगाएं। इसके बाद शीतला माता के मंत्रों का जाप करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और संतान सुख की कामना करें।
संतान प्राप्ति के लिए शीतला षष्ठी के उपाय
शीतला षष्ठी के दिन व्रत रखकर श्रद्धा से पूजा करें। पूजा के बाद किसी जरूरतमंद बच्चे या महिला को भोजन कराना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मां शीतला शीघ्र प्रसन्न होती हैं और संतान सुख का आशीर्वाद देती हैं।
सौभाग्य वृद्धि के लिए विशेष उपाय
विवाहित महिलाएं इस दिन मां शीतला को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें। इसके साथ ही सुहागिन महिलाओं को दान देने से दांपत्य जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।

शीतला षष्ठी पर क्या करें और क्या न करें
इस दिन संयम और पवित्रता बनाए रखना आवश्यक माना जाता है। क्रोध, विवाद और नकारात्मक सोच से दूर रहें। गर्म भोजन और तामसिक चीजों के सेवन से बचें। व्रत और पूजा पूरी श्रद्धा और नियम के साथ करें।
मां शीतला की कृपा से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां शीतला की कृपा से घर में रोग नहीं टिकते, संतान का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है। शीतला षष्ठी का व्रत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना गया है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोकविश्वासों पर आधारित है। व्रत, पूजा या उपाय करने से पहले अपनी श्रद्धा और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लें। यह जानकारी किसी प्रकार की गारंटी या वैज्ञानिक सलाह नहीं है।

