By: Vikash Kumar (Vicky)
श्रीनगर, शनिवार। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के डगपोरा इलाके में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को ले जा रही बस अचानक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इस दुर्घटना में सात जवान घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब सीआरपीएफ के जवान नियमित ड्यूटी पर जा रहे थे। बस डगपोरा क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे नहर में जा गिरा। स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों की तत्परता से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार सामान्य थी, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन सड़क से फिसल गया। आशंका जताई जा रही है कि सड़क पर फिसलन या यांत्रिक खराबी के चलते यह हादसा हुआ। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक दुर्घटना के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद जवानों को बस से बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।

घायल जवानों की स्थिति
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सातों जवानों को प्राथमिक उपचार दिया गया है। कुछ जवानों को हल्की चोटें आई हैं, जबकि दो जवानों को अधिक चोटें लगी हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
चिकित्सकों ने बताया कि समय पर राहत और बचाव कार्य शुरू होने से बड़ी अनहोनी टल गई। यदि देरी होती, तो हालात और गंभीर हो सकते थे।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खामियों और सड़क की स्थिति दोनों पहलुओं पर जांच की जाएगी।
सुरक्षा बलों ने भी आंतरिक स्तर पर जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि बस की तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।

स्थानीय लोगों की अहम भूमिका
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। आसपास मौजूद लोगों ने नहर में कूदकर और रस्सियों की मदद से जवानों को बाहर निकालने में सहयोग किया। इस मानवीय पहल की हर ओर सराहना हो रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों के सहयोग की प्रशंसा की और कहा कि संकट की घड़ी में आम लोगों की तत्परता ने बड़ा नुकसान होने से बचा लिया।
श्रीनगर में सुरक्षा और यातायात पर असर
हादसे के बाद कुछ समय के लिए डगपोरा इलाके में यातायात बाधित रहा। सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। हालांकि, स्थिति जल्द ही सामान्य कर दी गई।
ज्ञात हो कि श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में सीआरपीएफ की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था के तहत नियमित रूप से की जाती है। ऐसे में जवानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होती है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और जल स्रोतों वाले इलाकों में सड़क हादसे नई बात नहीं हैं। कई बार खराब सड़क, मौसम की मार या वाहन की तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाबलों के वाहनों की नियमित जांच और सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक है।

सुरक्षा मानकों की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और नियमित फिटनेस जांच को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही चालक प्रशिक्षण और सड़क की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा भी जरूरी है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सतर्कता और बेहतर प्रबंधन से ही ऐसे जोखिमों को कम किया जा सकता है।

श्रीनगर के डगपोरा इलाके में सीआरपीएफ बस हादसा भले ही बड़ा था, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं। प्रशासन द्वारा जांच के आदेश दे दिए गए हैं और उम्मीद है कि जल्द ही दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा होगा।
देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। ऐसे में इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में सुरक्षा इंतजाम और मजबूत करने की आवश्यकता है।

