By: Vikash Kumar (Vicky)
सर्दियों के मौसम में जरा सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। अक्सर लोग हल्की खांसी, गले में खराश या नाक बहने जैसी समस्याओं को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही छोटी-छोटी परेशानियां आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं। अगर आपको भी कुछ दिनों से अपनी तबीयत ठीक नहीं लग रही है, शरीर में अजीब सा बदलाव महसूस हो रहा है, तो संभव है कि आपको ठंड लग गई हो। ठंड लगना यानी कॉमन कोल्ड एक आम समस्या है, लेकिन समय पर पहचान और सही देखभाल न हो तो यह बुखार, साइनस या चेस्ट इंफेक्शन का कारण भी बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानें और तुरंत सतर्क हो जाएं।
गले और नाक से मिलते हैं शुरुआती संकेत
ठंड लगने का सबसे पहला संकेत अक्सर गले से शुरू होता है। गले में खराश, जलन या हल्का दर्द महसूस होना इस बात की ओर इशारा करता है कि शरीर ने ठंड पकड़ ली है। इसके साथ ही नाक बंद होना, नाक से पानी बहना या बार-बार छींक आना भी सर्दी लगने के आम लक्षण माने जाते हैं। कई बार सूखी खांसी शुरू होती है, जो बाद में बलगम वाली खांसी में बदल सकती है। अगर खांसी लगातार बनी रहे तो इसे हल्के में लेने की भूल न करें।

शरीर में दर्द और जकड़न भी हो सकती है वजह
ठंड लगने पर सिर्फ गला और नाक ही नहीं, बल्कि पूरा शरीर इसका असर झेलता है। शरीर में जकड़न, हाथ-पैरों में दर्द या भारीपन महसूस होना आम बात है। कई लोगों को हल्का सिरदर्द भी होने लगता है, जिसे वे थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसके अलावा आंखों से पानी आना, ठंड लगने पर कंपकंपी महसूस होना, रोंगटे खड़े होना और अचानक ठंड का अहसास होना भी सर्दी लगने के संकेत हो सकते हैं।
कमजोरी और थकान को न करें नजरअंदाज
अगर बिना ज्यादा काम किए ही आपको कमजोरी, आलस या थकान महसूस हो रही है, तो यह भी ठंड लगने का संकेत हो सकता है। शरीर की इम्यूनिटी जब वायरस से लड़ रही होती है, तो व्यक्ति खुद को सुस्त और कमजोर महसूस करता है। ऐसे में खुद को आराम देना बेहद जरूरी हो जाता है।
लक्षण दिखें तो तुरंत बरतें सावधानी
अगर ऊपर बताए गए लक्षण एक साथ नजर आने लगें, तो तुरंत अपनी दिनचर्या में कुछ जरूरी बदलाव करें। सबसे पहले पर्याप्त आराम और नींद लें ताकि शरीर को रिकवर होने का समय मिल सके। ज्यादा से ज्यादा गुनगुना पानी पिएं, इससे गला साफ रहता है और शरीर हाइड्रेट बना रहता है।
चाय, हर्बल ड्रिंक और सूप का सेवन करना भी फायदेमंद माना जाता है। भाप लेना और नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करना सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
अगर घरेलू उपाय अपनाने के बावजूद भी तबीयत में सुधार न हो, बुखार बढ़ने लगे या खांसी ज्यादा परेशान करने लगे, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यह लेख सामान्य जानकारी और घरेलू अनुभवों पर आधारित है। किसी भी बीमारी या लक्षण की स्थिति में सही जांच और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। यह जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है।
