By: Vikash Kumar (Vicky)
आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की बड़ी मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। बांग्लादेश ने अपने मैचों के वेन्यू को भारत से बाहर किसी तटस्थ देश में कराने की अपील की थी, लेकिन आईसीसी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि टी20 वर्ल्ड कप के निर्धारित कार्यक्रम और मेजबानी में कोई बदलाव नहीं होगा। ICC के अनुसार, अगर बांग्लादेश टीम भारत आकर टूर्नामेंट नहीं खेलती है, तो उस पर अंक कटौती जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

क्यों उठी थी वेन्यू बदलने की मांग?
दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने को लेकर आपत्ति जताई थी। बोर्ड का तर्क था कि टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा सर्वोपरि है और मौजूदा हालात में किसी तटस्थ स्थान पर मैच कराए जाएं। हालांकि, आईसीसी ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि भारत पूरी तरह सुरक्षित है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
ICC का सख्त रुख
आईसीसी सूत्रों के मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए पहले से तय वेन्यू, शेड्यूल और लॉजिस्टिक प्लान में बदलाव करना आसान नहीं होता। परिषद ने कहा कि
टूर्नामेंट के सभी सदस्य देशों ने शेड्यूल पर सहमति दी है
भारत ने सुरक्षा, आवास और यात्रा को लेकर पूरी तैयारी की है
किसी एक टीम के लिए वेन्यू बदलना बाकी टीमों के साथ अन्याय होगा
आईसीसी ने यह भी साफ किया कि अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना ही होगा।
न खेलने पर क्या होगी कार्रवाई?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, अगर कोई टीम बिना ठोस कारण के टूर्नामेंट या किसी मैच से हटती है, तो उस पर कई तरह की पेनल्टी लग सकती है। इसमें—
प्वाइंट्स टेबल में अंक कटौती
भविष्य के टूर्नामेंट में नुकसान
आर्थिक जुर्माना
आईसीसी की साख में गिरावट
जैसी कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं। ICC ने संकेत दिए हैं कि बांग्लादेश के मामले में भी नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड का पक्ष
बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने भी आईसीसी के फैसले का समर्थन किया है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, भारत पहले भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी कर चुका है।
उन्होंने कहा,
“भारत में सभी टीमों को समान सुरक्षा और सुविधाएं मिलती हैं। बांग्लादेश टीम के लिए भी वही इंतजाम होंगे जो बाकी देशों के लिए किए गए हैं।”
क्रिकेट जगत में प्रतिक्रियाएं
ICC के इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए और किसी भी टीम को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बातचीत के जरिए कोई बीच का रास्ता भी निकाला जा सकता था।
बांग्लादेश के सामने क्या विकल्प?
अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के सामने दो ही विकल्प बचे हैं—
ICC के फैसले को मानते हुए भारत आकर टी20 वर्ल्ड कप खेलना
या फिर टूर्नामेंट से दूरी बनाकर अंक कटौती और अन्य पेनल्टी झेलना
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि बांग्लादेश के लिए दूसरा विकल्प काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि इससे टीम की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और छवि दोनों पर असर पड़ेगा।
टी20 वर्ल्ड कप का महत्व
टी20 वर्ल्ड कप न सिर्फ प्रतिष्ठा का सवाल होता है, बल्कि इससे टीमों की रैंकिंग, भविष्य के टूर्नामेंट और खिलाड़ियों के करियर पर भी असर पड़ता है। ऐसे में बांग्लादेश के लिए इस टूर्नामेंट से दूर रहना आसान फैसला नहीं होगा।
आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब अपने स्तर पर हालात की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही अंतिम फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, आईसीसी के सख्त रुख को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि बांग्लादेश को भारत आकर ही टी20 वर्ल्ड कप खेलना पड़ेगा।

