By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली: डिजिटल भुगतान को और आसान बनाने के लिए भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कुछ परिस्थितियों में यूजर्स को भुगतान करते समय UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। इस नए फीचर से छोटे भुगतान और भी तेज और सुविधाजनक हो जाएंगे।

डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई तकनीक और सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। इसी कड़ी में अब UPI के जरिए पेमेंट करने का तरीका पहले से ज्यादा आसान बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस नए सिस्टम में कई बार बिना PIN डाले भी भुगतान संभव होगा।

बिना PIN के कैसे होगा UPI पेमेंट
नए फीचर के तहत कुछ खास प्रकार के ट्रांजैक्शन में UPI PIN की आवश्यकता नहीं होगी। उदाहरण के लिए यदि यूजर पहले से ऑटो-पे या प्री-अप्रूव्ड पेमेंट सेट कर देता है तो निर्धारित सीमा के भीतर भुगतान अपने आप हो सकता है। यह सुविधा खास तौर पर सब्सक्रिप्शन सेवाओं, बिल भुगतान और छोटे डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इसके जरिए भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और यूजर्स को बार-बार PIN डालने की परेशानी से राहत मिलेगी।

ऑटो-पे फीचर से मिलेगा फायदा
UPI में ऑटो-पे फीचर पहले से मौजूद है, लेकिन अब इसे और बेहतर बनाया जा रहा है। यदि किसी यूजर ने पहले से किसी सेवा के लिए ऑटो-पे की अनुमति दी है, तो निर्धारित तारीख पर राशि अपने आप कट सकती है।

इसका उपयोग कई तरह की सेवाओं में किया जा सकता है जैसे—
– OTT सब्सक्रिप्शन
– मोबाइल रिचार्ज
– बिजली और पानी का बिल
– EMI भुगतान
– म्यूजिक या ऐप सब्सक्रिप्शन
इस तरह यूजर्स को हर बार भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।

छोटे भुगतान के लिए आसान होगा सिस्टम
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए छोटे ट्रांजैक्शन को और आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत तय सीमा तक के भुगतान के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया कम की जा सकती है।
इससे खास तौर पर छोटे दुकानदारों और रोजमर्रा की खरीदारी में काफी सहूलियत मिलेगी। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डिजिटल भुगतान की रफ्तार और तेज हो सकती है।
सुरक्षा का भी रखा गया ध्यान
बिना PIN के पेमेंट की सुविधा सुनकर कई लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा पूरी तरह सुरक्षित ढंग से तैयार की गई है।
किसी भी ऑटो-पे या प्री-अप्रूव्ड ट्रांजैक्शन को सक्रिय करने से पहले यूजर को खुद अनुमति देनी होती है। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके अलावा यूजर को हर ट्रांजैक्शन की जानकारी भी मिलती रहती है।
यदि किसी यूजर को किसी ट्रांजैक्शन पर संदेह हो तो वह तुरंत उस सुविधा को बंद भी कर सकता है।
किन ऐप्स पर मिलेगी सुविधा
UPI आधारित लगभग सभी प्रमुख डिजिटल पेमेंट ऐप्स में यह सुविधा धीरे-धीरे उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें कई लोकप्रिय ऐप्स शामिल हैं जैसे—
– PhonePe
– Google Pay
– Paytm
– BHIM
इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए यूजर्स आसानी से इस नई सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

डिजिटल इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि UPI में किए जा रहे ऐसे बदलाव डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत करेंगे। भारत में पहले ही UPI दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बन चुका है।
हर महीने करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और अरबों ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। ऐसे में भुगतान को और आसान बनाने से इसका उपयोग और तेजी से बढ़ सकता है।
यूजर्स को क्या रखना होगा ध्यान
हालांकि बिना PIN वाले ट्रांजैक्शन की सुविधा आसान है, लेकिन यूजर्स को कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए।
सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि फोन सुरक्षित हो और किसी अनजान व्यक्ति के पास न जाए। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक या ऐप से दूर रहना चाहिए।
यूजर्स को समय-समय पर अपने बैंक और UPI ऐप की सेटिंग भी चेक करनी चाहिए ताकि अनचाहे ऑटो-पे या सब्सक्रिप्शन सक्रिय न हों।

आगे और भी बदलाव संभव
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। आने वाले समय में UPI को और ज्यादा स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए नई तकनीकों को जोड़ा जा सकता है।
सरकार और बैंकिंग सेक्टर का लक्ष्य यह है कि देश के अधिक से अधिक लोग डिजिटल भुगतान का उपयोग करें। ऐसे में यह नया फीचर उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो UPI पेमेंट का नया तरीका यूजर्स के लिए काफी सुविधाजनक साबित हो सकता है। बिना PIN के भुगतान की यह सुविधा छोटे ट्रांजैक्शन और सब्सक्रिप्शन सेवाओं के लिए खास तौर पर उपयोगी साबित होगी।
