By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। देश में पहचान के सबसे अहम दस्तावेजों में शामिल आधार कार्ड को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने जन्मतिथि में संशोधन को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए गलत या फर्जी दस्तावेज देता है, तो उसका आधार कार्ड निष्क्रिय भी किया जा सकता है।

UIDAI के इस फैसले का मकसद आधार डेटा को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। दरअसल, पिछले कुछ समय में आधार कार्ड में जन्मतिथि और अन्य जानकारी बदलने के लिए गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल के कई मामले सामने आए थे। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने प्रक्रिया को सख्त करने का फैसला किया है।
अब सिर्फ वैध दस्तावेजों से ही बदलेगी जन्मतिथि
नई SOP के अनुसार आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने के लिए अब केवल प्रमाणित और वैध दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे सरकारी मान्यता प्राप्त दस्तावेज शामिल हैं। अगर आवेदन के दौरान दिए गए दस्तावेजों में किसी प्रकार की गड़बड़ी या संदेह पाया जाता है तो UIDAI द्वारा उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में अगर दस्तावेज फर्जी पाए गए तो संबंधित व्यक्ति के आधार को निष्क्रिय करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

आधार डेटा की सुरक्षा को लेकर उठाया गया कदम
UIDAI का कहना है कि आधार देश के करोड़ों लोगों की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसका उपयोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, मोबाइल सिम, पेंशन और कई अन्य सेवाओं में किया जाता है। ऐसे में आधार में दर्ज जानकारी का सही और प्रमाणिक होना बेहद जरूरी है।

प्राधिकरण के मुताबिक कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी देकर आधार में बदलाव करवाने की कोशिश करते हैं। इससे सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो सकती है और योजनाओं के दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है। इसी वजह से अब जन्मतिथि बदलने की प्रक्रिया को सख्त किया गया है।
आधार निष्क्रिय होने पर क्या होगा
अगर जांच के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा गलत दस्तावेज देने की पुष्टि होती है तो UIDAI आधार कार्ड को निष्क्रिय कर सकता है। आधार निष्क्रिय होने के बाद व्यक्ति कई सरकारी और वित्तीय सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाएगा। निष्क्रिय आधार के कारण बैंक खाते से जुड़े कार्य, सरकारी योजनाओं का लाभ, मोबाइल सिम सत्यापन और कई अन्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए UIDAI ने लोगों से अपील की है कि आधार में किसी भी बदलाव के लिए केवल सही और प्रमाणिक दस्तावेज ही जमा करें।

आधार अपडेट करते समय रखें इन बातों का ध्यान
UIDAI ने लोगों को आधार अपडेट करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
– केवल अधिकृत आधार केंद्र पर ही जानकारी अपडेट कराएं
– सही और वैध दस्तावेज ही जमा करें
– किसी भी एजेंट या बिचौलिये से सावधान रहें
– ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रक्रिया के दौरान जानकारी सही तरीके से भरें
इन सावधानियों का पालन करने से आधार अपडेट की प्रक्रिया आसान और सुरक्षित बनी रहेगी।

एक बार ही बदल सकती है जन्मतिथि
UIDAI के नियमों के अनुसार आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने की सुविधा सीमित होती है। आमतौर पर जन्मतिथि में बदलाव केवल एक बार ही किया जा सकता है। इसलिए आवेदन करते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
अगर किसी विशेष परिस्थिति में दोबारा बदलाव की जरूरत पड़ती है तो इसके लिए अतिरिक्त जांच और दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।

देश में आधार की अहमियत
आज भारत में आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण पहचान पत्रों में से एक बन चुका है। सरकारी योजनाओं से लेकर बैंकिंग सेवाओं तक लगभग हर जगह आधार की जरूरत होती है।
सरकार की कई योजनाओं जैसे सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति और राशन कार्ड में भी आधार अनिवार्य किया गया है। इसलिए UIDAI समय-समय पर आधार से जुड़े नियमों को अपडेट करता रहता है ताकि सिस्टम पारदर्शी और सुरक्षित बना रहे।

नागरिकों से की गई अपील
UIDAI ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधार से संबंधित किसी भी अपडेट या बदलाव के लिए केवल आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करें। गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देने से न केवल आधार निष्क्रिय हो सकता है बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
ऐसे में आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने के लिए आवेदन करते समय सभी दस्तावेजों की सही तरीके से जांच करना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

