By:Vikash Kumar(Vicky)
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने परिवार के सदस्यों के बीच होने वाले संपत्ति विभाजन (Property Partition) पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी में भारी छूट देने की घोषणा की है। इस फैसले से न केवल आम जनता को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि वर्षों से चल रहे पारिवारिक विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे संपत्ति का कानूनी हस्तांतरण बढ़ेगा और कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी गिरावट आएगी।

क्या है योगी सरकार का नया फैसला?
अब तक उत्तर प्रदेश में संपत्ति के बंटवारे के दौरान स्टांप ड्यूटी की दरें काफी अधिक थीं। यही वजह थी कि लोग अक्सर आपसी सहमति से लिखित या मौखिक समझौते कर लेते थे, लेकिन उन्हें कानूनी रूप नहीं देते थे। इससे भविष्य में विवाद, धोखाधड़ी और कोर्ट केस बढ़ते थे। योगी सरकार ने इस समस्या को समझते हुए पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी को बेहद नाममात्र करने का फैसला लिया है। प्रस्ताव के मुताबिक अब केवल एक निश्चित न्यूनतम शुल्क या बहुत कम स्टांप ड्यूटी देकर संपत्ति का कानूनी बंटवारा कराया जा सकेगा। जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
किसे मिलेगा इस फैसले का लाभ?
इस नई व्यवस्था का लाभ उन सभी परिवारों को मिलेगा जो संयुक्त परिवार की संपत्ति का आपस में बंटवारा करना चाहते हैं। खासतौर पर—
भाई-भाई के बीच संपत्ति विभाजन
माता-पिता और बच्चों के बीच संपत्ति का बंटवार
उत्तराधिकार में मिली संपत्ति का कानूनी विभाजन
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवासी
सरकार का कहना है कि यह फैसला हर वर्ग के नागरिकों के हित में है, खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
उत्तर प्रदेश में संपत्ति से जुड़े विवादों की संख्या काफी ज्यादा है। कोर्ट में लंबित मामलों में एक बड़ा हिस्सा जमीन और मकान के झगड़ों से जुड़ा हुआ है। महंगी स्टांप ड्यूटी के कारण लोग रजिस्ट्री कराने से बचते थे, जिससे विवाद और जटिल हो जाते थे।
योगी सरकार के इस फैसले से—
संपत्ति का कानूनी बंटवारा बढ़ेगा
फर्जी दस्तावेज और अवैध कब्जे कम होंगे
कोर्ट में चल रहे संपत्ति विवाद घटेंगे
सरकारी राजस्व भी पारदर्शी तरीके से बढ़ेगा

सरकार की मंशा क्या है?
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल स्टांप ड्यूटी में छूट देना नहीं है, बल्कि नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया से जोड़ना भी है। योगी सरकार पहले भी महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे फैसले ले चुकी है। अब पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को आसान बनाकर सरकार सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देना चाहती है।
कानूनी विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला बेहद सकारात्मक है। उनके अनुसार,
“जब संपत्ति का बंटवारा कानूनी रूप से होगा तो भविष्य में विवाद की गुंजाइश काफी कम रह जाएगी। कम स्टांप ड्यूटी होने से लोग खुलकर रजिस्ट्री कराएंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।”
ग्रामीण इलाकों में होगा बड़ा असर
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी मात्रा में संयुक्त परिवार रहते हैं, जहां जमीन और मकान का बंटवारा अक्सर विवाद का कारण बनता है। नई व्यवस्था से गांवों में भी लोग आसानी से संपत्ति का कानूनी बंटवारा करा सकेंगे। इससे न सिर्फ पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि गांवों में विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
कब से लागू होगी नई व्यवस्था?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद अधिसूचना के जरिए लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह नियम प्रभावी हो सकता है। अधिसूचना जारी होते ही रजिस्ट्री कार्यालयों को इसके दिशा-निर्देश भेज दिए जाएंगे।
आम जनता में खुशी का माहौल
इस फैसले के बाद प्रदेशभर में लोगों ने राहत की सांस ली है। खासकर वे परिवार जो लंबे समय से संपत्ति बंटवारे को लेकर उलझन में थे, अब कानूनी तरीके से समाधान निकाल सकेंगे। सोशल मीडिया पर भी लोग योगी सरकार के इस फैसले की सराहना कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में संपत्ति के बंटवारे को आसान बनाने का योगी सरकार का यह फैसला दूरगामी असर डालने वाला साबित हो सकता है। इससे न केवल लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी बढ़ेगा। कम स्टांप ड्यूटी, आसान प्रक्रिया और कानूनी सुरक्षा—ये तीनों मिलकर इस फैसले को प्रदेशवासियों के लिए बेहद फायदेमंद बनाते हैं।

