By: Vikash Kumar (Vicky)
वास्तु शास्त्र में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को घर की सबसे पवित्र और संवेदनशील दिशा माना गया है। इसे देवताओं का स्थान कहा जाता है और यहीं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूरे घर में फैलता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार ईशान कोण केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुद्धि, विवेक, मानसिक शांति और सही निर्णय क्षमता से भी सीधा जुड़ा होता है। यदि इस दिशा में जरा-सी भी वास्तु गलती हो जाए, तो उसका असर धीरे-धीरे जीवन के हर क्षेत्र में दिखाई देने लगता है, खासकर धन और करियर पर।

ईशान कोण और धन का संबंध
वास्तु शास्त्र मानता है कि ईशान कोण जल तत्व से संबंधित होता है और जल का सीधा संबंध धन, प्रवाह और मानसिक संतुलन से है। जब इस दिशा में दोष होता है, तो धन आने के रास्ते बाधित होने लगते हैं। कमाई होने के बावजूद पैसा टिकता नहीं है, खर्च अचानक बढ़ जाते हैं और आर्थिक तंगी जैसी स्थिति बन सकती है।
ईशान कोण में भारी सामान रखना
ईशान कोण में भारी फर्नीचर, अलमारी, स्टोर रूम या सीढ़ियां होना वास्तु दोष का कारण माना जाता है। यह दिशा हल्की और खुली होनी चाहिए। भारी सामान रखने से सकारात्मक ऊर्जा रुक जाती है, जिससे व्यक्ति की सोच नकारात्मक होने लगती है और फैसलों में भ्रम पैदा होता है। इसका असर सीधे करियर और पैसों पर पड़ता है।

गंदगी और अव्यवस्था की गलती
अगर ईशान कोण में गंदगी, कबाड़ या टूटी-फूटी चीजें रखी हों, तो यह मानसिक तनाव और असमंजस को बढ़ाता है। ऐसे में व्यक्ति सही और गलत का अंतर नहीं कर पाता। कई बार अच्छे मौके हाथ से निकल जाते हैं और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
गलत रंगों का प्रयोग
ईशान कोण में गहरे या बहुत चटख रंगों का इस्तेमाल भी नुकसानदेह माना जाता है। यह दिशा हल्के और शांत रंगों के लिए उपयुक्त होती है। गलत रंग मानसिक अशांति बढ़ा सकते हैं, जिससे व्यक्ति जल्दबाजी में फैसले ले लेता है और बाद में पछताता है।
पूजा स्थान में की जाने वाली गलतियां
कई लोग ईशान कोण में पूजा स्थान तो बना लेते हैं, लेकिन वहां साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते या पूजा से जुड़ी वस्तुएं अस्त-व्यस्त रहती हैं। इससे पूजा का सकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है। माना जाता है कि ऐसी स्थिति में धन के साथ-साथ सुख-शांति भी प्रभावित होती है।

पानी से जुड़ी गलतियां
ईशान कोण में पानी की टंकी का गलत स्थान, गंदा पानी या लीकेज भी बड़ा वास्तु दोष बन सकता है। इससे धन का अपव्यय होता है और घर के सदस्यों की सेहत पर भी असर पड़ता है।
ईशान कोण को सही कैसे रखें
इस दिशा को हमेशा साफ, खुला और हल्का रखें। यहां पूजा स्थल, ध्यान कक्ष या पानी से जुड़ी शुभ वस्तुएं रखना लाभकारी माना जाता है। नियमित साफ-सफाई से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, जिससे बुद्धि तेज होती है और सही फैसले लेने की क्षमता बढ़ती है। जब फैसले सही होते हैं, तो धन और सफलता अपने आप जीवन में आने लगती है।
कुल मिलाकर, ईशान कोण की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। छोटी-सी गलती भी लंबे समय तक आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए समय रहते इन वास्तु दोषों को पहचानकर सुधार करना जरूरी है।

यह जानकारी वास्तु शास्त्र की सामान्य मान्यताओं और ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी वास्तु परिवर्तन से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
