By: Vikash Kumar (Vicky)
वास्तु में सीढ़ियों का विशेष महत्व
वास्तु शास्त्र में घर की सीढ़ियों को ऊर्जा के प्रवाह का प्रमुख माध्यम माना गया है। सीढ़ियां केवल मंजिलों को जोड़ने का साधन नहीं होतीं, बल्कि इनके जरिए सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है। यही कारण है कि सीढ़ियों की दिशा, बनावट और रंग का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।

क्यों अशुभ माने जाते हैं गहरे रंग
वास्तु के अनुसार सीढ़ियों पर काले, गहरे नीले, डार्क ग्रे या बहुत गहरे लाल रंग का प्रयोग अशुभ माना जाता है। ये रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं, जिससे घर में मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और आपसी कलह बढ़ सकती है। खासतौर पर बंद जगहों में गहरे रंग ऊर्जा के प्रवाह को रोक देते हैं।
सीढ़ियों के रंग का जीवन पर प्रभाव
अगर सीढ़ियों पर गलत रंग का चुनाव किया जाए, तो इसका असर घर के सदस्यों की सेहत, करियर और रिश्तों पर भी पड़ सकता है। कई बार बिना कारण थकान, निराशा या काम में रुकावट का सामना करना पड़ता है। वास्तु के अनुसार हल्के और सौम्य रंग ऊर्जा को ऊपर की ओर सहज रूप से प्रवाहित करते हैं।
सफेद रंग: शांति और पवित्रता का प्रतीक
सफेद रंग को वास्तु में सबसे शुभ माना गया है। सीढ़ियों पर सफेद रंग करने से घर में शांति, संतुलन और सकारात्मकता बनी रहती है। यह रंग मानसिक तनाव को कम करता है और घर के वातावरण को हल्का और साफ-सुथरा बनाता है।

क्रीम और ऑफ-व्हाइट शेड्स: संतुलित ऊर्जा के लिए
क्रीम और ऑफ-व्हाइट रंग सफेद के ही सौम्य रूप हैं। ये रंग उन लोगों के लिए उपयुक्त होते हैं जो पूरी तरह सफेद रंग नहीं चाहते। वास्तु के अनुसार ये शेड्स स्थिरता, सुख-समृद्धि और पारिवारिक सामंजस्य को बढ़ाते हैं।
हल्का पीला रंग: उन्नति और खुशहाली का संकेत
पीला रंग ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सीढ़ियों पर हल्का पीला रंग करने से करियर में उन्नति और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनते हैं। यह रंग घर में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
हल्का हरा रंग: स्वास्थ्य और ताजगी के लिए
हरा रंग प्रकृति और संतुलन का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार सीढ़ियों पर हल्का हरा रंग करने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह रंग मानसिक शांति देता है और तनाव को कम करने में सहायक होता है।

आसमानी या हल्का नीला रंग: मानसिक शांति का स्रोत
हल्का नीला या आसमानी रंग सीढ़ियों के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है। यह रंग मन को शांत करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। हालांकि ध्यान रखें कि नीला रंग बहुत गहरा न हो।
हल्का गुलाबी रंग: रिश्तों में मधुरता
वास्तु शास्त्र में हल्का गुलाबी रंग प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। सीढ़ियों पर इस रंग का इस्तेमाल करने से घर में आपसी समझ और रिश्तों में मधुरता बढ़ती है। यह खासतौर पर पारिवारिक वातावरण को सकारात्मक बनाता है।
रंग चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
सीढ़ियों के रंग हमेशा हल्के और मैट फिनिश में चुनें। बहुत चमकीले या फिसलन वाले रंगों से बचें। साथ ही सीढ़ियों की पर्याप्त रोशनी भी जरूरी है, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
यह लेख वास्तु शास्त्र की मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी प्रकार के वास्तु परिवर्तन से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

