By Vikash Kumar ( Vicky )
पटना। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा तूफान मचाया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 84 गेंदों में 190 रन की विस्फोटक पारी खेलकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी इस पारी में 16 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। इस दमदार प्रदर्शन के दम पर बिहार ने मुकाबले में पूरी तरह से पकड़ बना ली।
मैच की शुरुआत में बिहार की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। शुरुआती ओवरों में बिहार के सलामी बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। लेकिन जैसे ही वैभव सूर्यवंशी ने क्रीज पर पैर जमाए, मैदान का नजारा ही बदल गया। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों पर शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और हर ओवर में रन बटोरने का सिलसिला जारी रखा।
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में गजब का आत्मविश्वास नजर आया। उन्होंने तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनरों को भी नहीं बख्शा। कवर ड्राइव, पुल शॉट, कट और लॉन्ग ऑन के ऊपर से लगाए गए छक्के दर्शकों के लिए किसी क्रिकेट उत्सव से कम नहीं थे। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पारी के दौरान स्ट्राइक रोटेशन पर भी ध्यान दिया, जिससे स्कोरबोर्ड लगातार चलता रहा।
84 गेंदों में 190 रन बनाना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। वैभव सूर्यवंशी का स्ट्राइक रेट 226 से अधिक का रहा, जो वनडे फॉर्मेट में बेहद दुर्लभ माना जाता है। उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि बिहार में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और सही मंच मिलने पर ये खिलाड़ी बड़े स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज वैभव सूर्यवंशी के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए। किसी ने यॉर्कर फेंकने की कोशिश की तो किसी ने बाउंसर, लेकिन वैभव ने हर गेंद का जवाब अपने अंदाज में दिया। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने लगातार तीन गेंदों पर छक्के जड़कर गेंदबाज का मनोबल तोड़ दिया। मैदान में बैठे दर्शक हर बड़े शॉट पर खड़े होकर तालियां बजाते नजर आए।
वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत बिहार ने निर्धारित ओवरों में विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम का स्कोर 350 रन के पार पहुंच गया, जिससे अरुणाचल प्रदेश पर भारी दबाव बन गया। बिहार के अन्य बल्लेबाजों ने भी सहयोगी भूमिका निभाई, लेकिन मैच का असली आकर्षण वैभव सूर्यवंशी ही रहे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह पारी वैभव सूर्यवंशी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। घरेलू क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर आकर्षित करता है। अगर वैभव इसी तरह निरंतर प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले समय में उन्हें इंडिया-ए या आईपीएल जैसी बड़ी लीग में खेलने का मौका मिल सकता है।
मैच के बाद बिहार टीम के कोच और कप्तान ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। कप्तान ने कहा, “वैभव ने आज जिस तरह की बल्लेबाजी की, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और बाकी खिलाड़ियों के लिए भी आत्मविश्वास बढ़ाया।”
वहीं, सोशल मीडिया पर भी वैभव सूर्यवंशी की पारी की जमकर चर्चा हो रही है। क्रिकेट प्रेमी उनकी तुलना कई दिग्गज बल्लेबाजों से करने लगे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर #VaibhavSuryavanshi और #VijayHazareTrophy ट्रेंड करने लगे।
यह पारी सिर्फ एक मैच जिताने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार क्रिकेट के लिए भी एक नई उम्मीद लेकर आई है। लंबे समय से बिहार की टीम घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले समय में टीम की तस्वीर बदल सकता है।
कुल मिलाकर, विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का यह मुकाबला वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी के लिए याद किया जाएगा। 84 गेंदों में 190 रन बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी रिकॉर्ड दूर नहीं होता।
