By: Vikash Kumar (Vicky)
भारत को धूप वाला देश माना जाता है। यहां साल के ज्यादातर महीनों में तेज धूप रहती है, जो शरीर में विटामिन-D बनाने का सबसे बड़ा स्रोत मानी जाती है। इसके बावजूद हैरानी की बात यह है कि भारत की बड़ी आबादी विटामिन-D की कमी से जूझ रही है। कई रिपोर्टों में यह सामने आया है कि शहरों से लेकर गांवों तक बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विटामिन-D का स्तर सामान्य से कम पाया जा रहा है। यह समस्या धीरे-धीरे एक बड़ी स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन-D
डॉक्टरों के अनुसार विटामिन-D हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है, इम्यून सिस्टम को बेहतर करता है और शरीर में कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। जब शरीर में इसकी कमी होती है तो कमजोरी, हड्डियों में दर्द, थकान, बाल झड़ना और बार-बार बीमार पड़ना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

बदलती लाइफस्टाइल बन रही सबसे बड़ा कारण
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भारत में धूप की कमी नहीं है, तो फिर लोगों में विटामिन-D की कमी क्यों हो रही है। इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं। आजकल की लाइफस्टाइल इसका सबसे बड़ा कारण मानी जा रही है। पहले लोग ज्यादा समय बाहर बिताते थे, लेकिन अब ज्यादातर लोग घर, ऑफिस या स्कूल के अंदर रहते हैं। धूप में कम निकलने की वजह से शरीर को पर्याप्त सूर्य प्रकाश नहीं मिल पाता।

सनस्क्रीन और कपड़ों की वजह से नहीं मिल पाती धूप
शहरों में रहने वाले लोग धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन, छाता या पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनते हैं। इससे त्वचा तक सूरज की किरणें नहीं पहुंच पातीं और शरीर में विटामिन-D नहीं बन पाता। इसके अलावा प्रदूषण भी एक बड़ा कारण है। हवा में मौजूद धूल और धुआं सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों को कम कर देता है, जिससे शरीर को पूरा फायदा नहीं मिल पाता।

खान-पान की आदतें भी बढ़ा रही कमी
खान-पान की आदतें भी इस समस्या को बढ़ा रही हैं। भारतीय भोजन में विटामिन-D की मात्रा बहुत कम होती है। दूध, अंडा, मछली और कुछ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों में ही यह विटामिन पाया जाता है, लेकिन हर कोई इन्हें नियमित रूप से नहीं खाता। शाकाहारी लोगों में यह कमी ज्यादा देखी जाती है।

कितनी धूप लेना जरूरी है
डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना सुबह की हल्की धूप में 15 से 20 मिनट तक बैठना या टहलना शरीर के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही संतुलित आहार लेना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना भी जरूरी हो सकता है। बच्चों और महिलाओं में विटामिन-D की कमी ज्यादा देखी जाती है, इसलिए उन्हें खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

समय रहते ध्यान नहीं दिया तो बढ़ सकती हैं समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते इस कमी पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे चलकर हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों का दर्द और इम्यूनिटी से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए धूप से पूरी तरह बचने की बजाय सही समय पर थोड़ी धूप लेना जरूरी है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार की दवा या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

