By: Vikash Kumar (Vicky)
दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी एक ऐसे नए फीचर पर काम कर रही है, जिसकी मदद से माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। इस संभावित पैरेंटल कंट्रोल फीचर के आने के बाद बच्चों की चैटिंग, ऑनलाइन समय और डिजिटल गतिविधियों को मॉनिटर करना आसान हो सकता है।

डिजिटल दौर में बच्चों का इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बढ़ता समय माता-पिता के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए WhatsApp में एक ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है जो माता-पिता को बच्चों के अकाउंट से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां देखने की सुविधा दे सकता है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस फीचर को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन टेक जगत में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

क्या है नया पैरेंटल कंट्रोल फीचर
बताया जा रहा है कि WhatsApp का यह संभावित फीचर पैरेंटल सुपरविजन या पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम पर आधारित होगा। इसके तहत माता-पिता अपने बच्चों के WhatsApp अकाउंट को अपने डिवाइस से लिंक कर सकेंगे। इसके बाद वे बच्चों के ऑनलाइन रहने का समय, एक्टिविटी स्टेटस और कुछ अन्य डिजिटल व्यवहार से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए WhatsApp एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से समझौता नहीं करेगा। इसका मतलब यह है कि माता-पिता को बच्चों के सभी मैसेज की पूरी डिटेल देखने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन वे गतिविधियों से जुड़े संकेत जरूर
देख सकेंगे।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर रहेगा फोकस
इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। कई बार बच्चे अनजाने में ऐसे लोगों से संपर्क कर लेते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे में पैरेंटल कंट्रोल फीचर माता-पिता को यह समझने में मदद कर सकता है कि बच्चे इंटरनेट पर किस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह फीचर सही तरीके से लागू किया जाता है तो इससे साइबर बुलिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और अजनबी लोगों से होने वाले खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा माता-पिता बच्चों के स्क्रीन टाइम को भी बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे।

कैसे काम कर सकता है यह फीचर
टेक रिपोर्ट्स के अनुसार इस फीचर के जरिए माता-पिता को बच्चों के अकाउंट से जुड़े कुछ कंट्रोल ऑप्शन मिल सकते हैं। उदाहरण के लिए वे यह देख सकेंगे कि बच्चा कितने समय तक ऐप का इस्तेमाल कर रहा है या कब-कब ऑनलाइन रहता है। इसके अलावा कुछ मामलों में चैटिंग के समय से जुड़ी जानकारी भी दिखाई दे सकती है। संभव है कि WhatsApp इस फीचर को परिवार से जुड़े अकाउंट सिस्टम के रूप में पेश करे, जहां एक पैरेंट अकाउंट से कई बच्चों के अकाउंट को मॉनिटर किया जा सकेगा। हालांकि अभी इस फीचर के अंतिम स्वरूप को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।

प्राइवेसी को लेकर उठ सकते हैं सवाल
जहां एक तरफ यह फीचर बच्चों की सुरक्षा के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की निजी बातचीत तक पहुंच देने से उनकी स्वतंत्रता और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि WhatsApp इस फीचर को इस तरह डिजाइन करेगा जिसमें सुरक्षा और प्राइवेसी के बीच संतुलन बना रहे। संभव है कि ऐप में ऐसे विकल्प दिए जाएं जिससे बच्चे भी यह जान सकें कि उनका अकाउंट पैरेंटल सुपरविजन में है।

कब तक आ सकता है यह फीचर
फिलहाल WhatsApp इस फीचर पर परीक्षण कर रहा है और इसे आने वाले अपडेट में शामिल किया जा सकता है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो आने वाले महीनों में यह फीचर बीटा वर्जन में दिखाई दे सकता है। इसके बाद इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है। डिजिटल सुरक्षा के बढ़ते महत्व को देखते हुए यह फीचर WhatsApp के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर यह फीचर लॉन्च होता है तो मैसेजिंग ऐप के उपयोग का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।

फिलहाल यूजर्स को कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर और अधिक सख्त कदम उठा सकते हैं।
