सर्दियां आते ही शरीर को अधिक ऊर्जा, गर्माहट और पोषण की जरूरत होती है। ऐसे में अक्सर लोग ड्राई फ्रूट और गर्म खाद्य पदार्थ जरूर खाते हैं, लेकिन कई बार तिल जैसे छोटे बीज हमारी थाली से गायब रह जाते हैं। दिखने में भले ही ये बेहद छोटे हों, लेकिन पोषण और स्वास्थ्य लाभ के मामले में यह किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं। आयुर्वेद में भी तिल को सर्दियों का सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थ बताया गया है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से गर्माहट देता है और बोन हेल्थ को मजबूत बनाता है।

तिल के बीज क्यों हैं सर्दियों का सुपरफूड?
तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक, विटामिन B, फाइबर और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व मिलकर शरीर की हड्डियों, मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। खासकर सर्दियों में जब जोड़ों और मांसपेशियों में जकड़न की समस्या बढ़ जाती है, तिल का सेवन काफी लाभ देता है।
हड्डियों को बनाते हैं मजबूत
तिल प्राकृतिक कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। नियमित रूप से तिल खाने से हड्डियों की मजबूती बढ़ती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है। तिल में मौजूद जिंक और मैग्नीशियम बोन टिश्यू को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, जिससे हड्डियों में दर्द और कमजोरी की समस्या में काफी राहत मिलती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
सर्दियों में फ्लू, सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण आम हो जाते हैं। तिल के बीज में एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट्स मौजूद होते हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। इसके सेवन से शरीर संक्रमणों से लड़ने में अधिक सक्षम हो जाता है।
हार्ट हेल्थ में सुधार
तिल में मौजूद हेल्दी फैट्स, खासकर मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स, दिल की सेहत के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं, जिससे हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर की जोखिम कम होती है।
हॉर्मोनल बैलेंस बनाए रखने में सहायक
महिलाओं के लिए तिल के बीज खासतौर पर फायदेमंद माने जाते हैं। तिल में प्राकृतिक लिगनेन्स पाए जाते हैं जो शरीर में एस्ट्रोजन लेवल को संतुलित करने में मदद करते हैं। इससे पीरियड्स की अनियमितता, मूड स्विंग और कमजोरी जैसी समस्याएँ कम होती हैं।
बेहतर डाइजेशन और वजन नियंत्रण
तिल के बीज फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन को सुधारते हैं और कब्ज से राहत दिलाते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है और वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
सर्दियों में तिल कैसे खाएँ?
सुबह खाली पेट भुने तिल चबाकर खाएँ
गुड़-तिल के लड्डू खाएँ
खिचड़ी, दलिया या सलाद में तिल छिड़कें
तिल का हलवा या तिल-मिश्री दूध पिएँ
नियमित और सीमित मात्रा में तिल खाने से शरीर पर इसका असर जल्दी दिखने लगता है।

