By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में ओरल हेल्थ यानी मुख स्वास्थ्य के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस दौरान अपने संबोधन में उपायुक्त श्री लकड़ा ने कहा कि “एक स्वस्थ जीवन के लिए मुख का स्वास्थ्य अत्यंत जरूरी है। यदि हमारा मुंह स्वस्थ नहीं है तो इसका सीधा असर पूरे शरीर पर पड़ता है।” उन्होंने आगे कहा कि दांत और मसूड़ों की बीमारियों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

उन्होंने जिले के सभी सरकारी चिकित्सकों से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए वे सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को ओरल हेल्थ के प्रति जागरूक करना, नियमित जांच कराना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
4500 लोगों की हो चुकी है स्क्रीनिंग
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले में 14 से 19 मार्च तक अब तक लगभग 4500 लोगों की ओरल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को दंत चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे गांव-गांव जाकर लोगों की जांच कर सकें।
उन्होंने आगे कहा कि 14 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत स्कूलों, पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच की जा सके और उन्हें जागरूक किया जा सके।

स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान
उपायुक्त ने विशेष रूप से स्कूलों में कैंप आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में शुरू से ही अच्छी आदतें विकसित करना बेहद जरूरी है। यदि बचपन से ही सही तरीके से दांतों की सफाई और देखभाल की आदत डाली जाए, तो भविष्य में कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
“A Happy Mouth is A Happy Body” थीम पर जोर
इस वर्ष विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस की थीम “एक खुश मुंह, एक खुश शरीर है” (A Happy Mouth is A Happy Body) रखी गई है। इस थीम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मौखिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध पूरे शरीर के स्वास्थ्य से है। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब ओरल हेल्थ से हृदय रोग, मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए नियमित ब्रश करना, संतुलित आहार लेना और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना बेहद आवश्यक है।

प्रभात फेरी और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन
कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शरद कुमार के नेतृत्व में एएनएम प्रशिक्षण स्कूल की छात्राओं द्वारा पुराना सदर अस्पताल से एक प्रभात फेरी निकाली गई। इस दौरान छात्राओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। प्रभात फेरी में “दिन में दो बार ब्रश करें”, “स्वस्थ दांत, स्वस्थ जीवन” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को ओरल हेल्थ के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा छात्राओं द्वारा मुख स्वास्थ्य से संबंधित चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को उपायुक्त द्वारा प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सिविल सर्जन, जिला एनसीडी नोडल पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला मलेरिया पदाधिकारी, उपाधीक्षक एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

क्यों जरूरी है ओरल हेल्थ?
विशेषज्ञों के अनुसार, ओरल हेल्थ की अनदेखी से दांतों में सड़न, मसूड़ों की सूजन, मुंह से बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय रहते इनका इलाज नहीं किया गया तो ये गंभीर रूप ले सकती हैं।
नियमित रूप से दांतों की सफाई, मीठे खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन और साल में कम से कम एक बार दंत जांच कराना जरूरी है।

