By: Vikash Kumar (Vicky)
हाइजीन क्यों है सबसे बड़ी प्राथमिकता
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग घर की साफ-सफाई तो करते हैं, लेकिन कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें समय पर बदलना भी उतना ही जरूरी है। अक्सर हम रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को लंबे समय तक बिना बदले उपयोग करते रहते हैं। यह आदत धीरे-धीरे बैक्टीरिया, फंगस और गंदगी को बढ़ावा दे सकती है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं, एलर्जी और अन्य संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। अच्छी सेहत के लिए केवल सफाई ही नहीं, बल्कि समय-समय पर चीजों को रिप्लेस करना भी जरूरी है।

नहाने के तौलिए कब बदलें
तौलिया ऐसी चीज है जिसका उपयोग रोजाना किया जाता है और यह सीधे हमारी त्वचा के संपर्क में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार नहाने का तौलिया हर दो साल में बदल लेना चाहिए। यदि तौलिया पुराना, खुरदुरा या बदबूदार हो गया हो तो उसे तुरंत बदल देना बेहतर है। लंबे समय तक एक ही तौलिया इस्तेमाल करने से त्वचा पर रैशेज, खुजली और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम दो बार तौलिया धोना चाहिए ताकि उस पर जमा पसीना और बैक्टीरिया साफ हो सकें।

चप्पल और स्लिपर्स को बदलना क्यों जरूरी
घर में पहनी जाने वाली चप्पल या स्लिपर्स भी हाइजीन से जुड़ी महत्वपूर्ण चीज है। हर रोज इस्तेमाल के कारण इनमें पसीना, धूल और कीटाणु जमा होने लगते हैं। अगर लंबे समय तक एक ही चप्पल का उपयोग किया जाए तो पैरों में संक्रमण और बदबू की समस्या हो सकती है। इसलिए साल में कम से कम एक बार चप्पल बदलने की सलाह दी जाती है। साथ ही समय-समय पर उन्हें धोना या साफ करना भी जरूरी है।

टूथब्रश और कंघी पर भी दें ध्यान
टूथब्रश को हर तीन महीने में बदलना चाहिए। पुराना ब्रश न केवल दांतों की सही सफाई नहीं कर पाता बल्कि उसमें बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं। इसी तरह कंघी को भी नियमित रूप से साफ करना चाहिए और साल में एक बार बदल देना बेहतर रहता है। गंदी कंघी से डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

किचन स्पॉन्ज और झाड़ू-पोंछा कब बदलें
रसोई में इस्तेमाल होने वाला स्पॉन्ज और कपड़ा सबसे ज्यादा बैक्टीरिया को आकर्षित करता है। किचन स्पॉन्ज को हर 2 से 4 हफ्ते में बदल देना चाहिए। झाड़ू और पोंछा भी समय-समय पर बदलना जरूरी है, क्योंकि इनमें जमा धूल और गंदगी घर के वातावरण को अस्वच्छ बना सकती है। साफ-सुथरी रसोई से ही परिवार की सेहत सुरक्षित रहती है।

तकिया और बेडशीट का महत्व
तकिया और बेडशीट भी हाइजीन का अहम हिस्सा हैं। बेडशीट को सप्ताह में कम से कम एक बार धोना चाहिए। तकिए को हर 1 से 2 साल में बदल लेना बेहतर माना जाता है, क्योंकि उसमें धूल और डस्ट माइट्स जमा हो सकते हैं, जो एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं।

स्वस्थ जीवन के लिए छोटी आदतें अपनाएं
हाइजीन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। समय पर चीजों को बदलना, नियमित रूप से सफाई करना और व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना हमें कई बीमारियों से बचा सकता है। थोड़ी सी सावधानी आपके पूरे परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी जानकारी पर आधारित है। यदि आपको त्वचा, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं तो किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

