हर वर्ष गोवर्धन पूजा (जिसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है) के मौके पर यह प्रश्न लोगों के मन में आता है — “क्या यह पूजा 21 अक्टूबर को होगी या 22 अक्टूबर को?” साल 2025 में इस विषय पर भी कई स्रोतों में मतभेद देखने को मिले हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि पंचांग एवं मुहूर्त क्या बताते हैं, किस दिन पूजा करना सही रहेगा और इसके पीछे धार्मिक-प्रसंग क्या है।
तारीख क्या कहती है
कई भरोसेमंद पौराणिक एवं तिथिनिर्धारण वेबसाइटों के अनुसार, गोवर्धन पूजा 2025 में बुधवार, 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी। उदाहरण के लिए, Drik Panchang में यह तिथि 22 अक्टूबर के रूप में अंकित है, जिसमें प्रातःकालीन मुहूर्त 06:25 से 08:41 तक दिया गया है। उसी प्रवृत्ति में, अन्य स्रोतों ने यह भी बताया है कि प्रतीपदा तिथि (शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि) 21 अक्टूबर शाम से आरंभ हो रही है और 22 अक्टूबर को पूर्ण दिन बनी हुई है, इसलिए पूजा 22 तारीख को उचित मानी जा रही है। हालांकि कुछ स्रोतों में 21 अक्टूबर को ही तिथि प्रारम्भ होने का उल्लेख है और इसलिए 21 अक्टूबर को पूजा करने का सुझाव भी मिलता है।
निर्णय क्या करें: 21 या 22?
इस तरह, नीचे दिए बिंदुओं से स्पष्ट हो जाता है कि साल 2025 में 22 अक्टूबर ही अधिकांश धार्मिक गणनाओं के अनुसार सही दिन माना गया है:
प्रतीपदा तिथि 21 अक्टूबर की शाम से शुरू हो रही है, लेकिन अगले दिन यानी 22 अक्टूबर को अधिकांश अवधि में बरकरार रहेगी।
शास्त्रों के अनुसार, यदि तिथि प्रातःकालीन मुहूर्त में मौजूद हो और चंद्रोदय-विग्रह आदि शर्तें पूरी हों, तो उस दिन पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है।
इसलिए आप 22 अक्टूबर, बुधवार को पूजा कर सकते हैं — यह सुरक्षित एवं पारंपरिक दृष्टि से मान्य विकल्प है।
पूजा का महत्व एवं मुख्य रीतियाँ
गोवर्धन पूजा उसी दिन मनाई जाती है जब कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर वृन्दावन के निवासियों तथा उन्हें पालन करने वाले पशुओं की रक्षा की थी।
मुख्य रीति-रिवाज इस प्रकार हैं:
अन्नकूट यानी “भोजन का पहाड़” तैयार करना, जिसमें कई तरह के शाकाहारी व्यंजन offer किए जाते हैं।
गोवर्धन पर्वत के रूप में दूध, घी, लड्डू-प्रसाद, गोबर से निर्मित मूरत आदि का निर्माण।
माता-पिता, परिवार एवं पशुओं के प्रति आभार व्यक्त करना।
शुभ मुहूर्त (2025)
प्रातःकाल: लगभग 06:25 AM – 08:41 AM (22 अक्टूबर) के बीच पूजा करना शुभ माना गया है।
सायंकालीन मुहूर्त: लगभग 15:29 PM – 17:45 PM (22 अक्टूबर) भी पूजन के लिए उपयुक्त माना गया है।
तो यदि आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि धार्मिक दृष्टि से कोई दिक्कत न हो — तो 22 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को गोवर्धन पूजा करें। 21 अक्टूबर को कुछ विशिष्ट भागों/पारिवारिक रीतियों के अनुसार पूजा की जा सकती है, लेकिन पारंपरिक तिथि एवं मुहूर्त के आधार पर 22 तारीख सबसे अधिक स्वीकार्य है।
यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है और विभिन्न पञ्चाङ्ग, क्षेत्रीय प्रथाओं व समय-क्षेत्र (लोकल ग्रहण, चन्द्रोदय आदि) के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। पूजा-विधि से सम्बंधित किसी विशेष निर्णय के लिए आप अपने परिवार के पंडित या ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।

