Jharkhand में इस बार सर्दी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उत्तर भारत से लगातार आ रही शुष्क पछुआ हवाओं और साफ आसमान के कारण राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से लुढ़क गया है। राजधानी रांची से लेकर गुमला, लातेहार, कोडरमा, बोकारो और धनबाद तक ठंड का असर इतना ज्यादा है कि आमजन सुबह-शाम घरों में दुबके रहने को मजबूर हो गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और अधिक बढ़ने की संभावना है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है, जिसके बाद रांची और गुमला को लोग ‘छोटा मिनी लद्दाख’ कहकर संबोधित कर रहे हैं।

रांची और गुमला में तापमान लुढ़का, पारा 5°C से नीचे
रांची में बीते तीन दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। शहर में सुबह घना कोहरा, कड़ाके की हवा और हड्डियों तक चुभने वाली ठंड लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार रांची का तापमान 4.5°C के आस-पास रिकॉर्ड किया गया, जो दिसंबर माह का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है।
गुमला में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं। जिले के कई ग्रामीण इलाके पाला और कोहरों की चपेट में हैं। सुबह खेतों में पाला जमने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि ऐसा मौसम पिछले कई सालों में पहली बार देखने को मिल रहा है।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी परेशानी, पाला से फसल प्रभावित
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में पाले की वजह से सरसों, आलू, चना और सब्जी की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अगर तापमान इसी तरह गिरता रहा तो फसल की बढ़वार पर असर साफ दिखाई पड़ेगा।
किसान संघों ने सरकार से विशेष कृषक राहत सहायता की मांग की है ताकि पाले के नुकसान की भरपाई हो सके। राज्य कृषि विभाग ने भी प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है और जल्द रिपोर्ट सौंपे जाने की बात कही है।
सड़कों पर दिखी सन्नाटा, स्कूलों में छुट्टी बढ़ सकती है
लगातार गिरते तापमान का असर दैनिक जीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। सुबह और देर शाम के समय बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिख रही है।
कुछ जिलों में ठंड के कारण स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक की छुट्टी बढ़ाने पर प्रशासन विचार कर रहा है। कई माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन से ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प देने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने अगले 48 घंटों के लिए Cold Wave Alert जारी किया है। विभाग के अनुसार,
हवा की गति 10–12 किमी प्रति घंटा रहेगी
रात में तापमान में 2–3 डिग्री तक की और गिरावट संभव
उत्तर-पश्चिमी हवाएं जारी रहेंगी
सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक घट सकती है
विभाग ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों को अत्यधिक ठंड से बचाकर रखने की सलाह दी है।
चाय-जलपान की दुकानों में बढ़ी भीड़
ठंड के मौसम में रांची, हजारीबाग और बोकारो के चाय स्टॉलों पर भीड़ बढ़ गई है। लोग सुबह की शुरुआत गरम-गरम चाय और पकौड़ी के साथ कर रहे हैं। सड़क किनारे तंदूर रोटी, सूप और मांड़ की दुकानों पर खासा रौनक देखने को मिल रही है।
व्यापारियों का कहना है कि ठंड से कारोबार में 20–25% की बढ़ोतरी हुई है।
अस्पतालों में बढ़े मरीज, सांस व हड्डी रोगियों को दिक्कत
रीजेंट अस्पतालों में इन दिनों ठंड से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
खांसी-जुकाम
सांस की तकलीफ
अस्थमा
हाइपोथर्मिया
बुजुर्गों में जोड़ दर्द
जैसी समस्याओं के मामलों में वृद्धि हुई है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बुजुर्ग मरीज सुबह-सुबह खुली हवा में बाहर न निकलें और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
पर्यटक स्थलों पर बढ़ रही भीड़, लेकिन ठंड से परेशान लोग
रांची के पतरातू घाटी, दशम फॉल, जोन्हा फॉल जैसे स्थानों पर छुट्टियों के बीच पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
हालांकि कड़ाके की ठंड के कारण पर्यटकों को दिन में भी स्वेटर, जैकेट और मफलर का सहारा लेना पड़ रहा है।
गुमला के नेटारहाट में भी टूरिस्ट फुटफॉल बढ़ा है, लेकिन सुबह के समय ठंड की वजह से विजिबिलिटी बेहद कम हो जा रही है।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 5–6 दिन तक झारखंड में ठंड का तीखा प्रभाव जारी रहेगा। अगर हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं हुआ तो तापमान और नीचे गिर सकता है। इसके अलावा मध्य और उत्तरी झारखंड के जिलों में पाला पड़ने की संभावना भी बताई जा रही है।
लोगों को मौसम से बचने के लिए दिए गए निर्देश
रात में हीटर या ब्लोअर का सुरक्षित उपयोग करें
खुले में आग न जलाएं
बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों में रखें
रात में वाहन चलाते समय कोहरे में हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करें
जरूरत के अनुसार ही बाहर निकलें
ठंड का असर फिलहाल पूरे राज्य में बना हुआ है और फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

