By: Vikash Kumar ( Vicky )
नई दिल्ली। देश की सेवा सिर्फ वर्दी पहनकर ही नहीं की जाती, बल्कि जज़्बा और समर्पण हो तो उम्र भी मायने नहीं रखती। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं पंजाब के फिरोजपुर जिले के 10 वर्षीय श्रवण सिंह, जिन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय जवानों की निस्वार्थ सेवा के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रवण सिंह के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस नन्हे बालक से बेहद आत्मीय और मजेदार अंदाज़ में बातचीत की, जिसने न सिर्फ मौजूद लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर किया, बल्कि पूरे देश को भावुक भी कर दिया।
कौन हैं श्रवण सिंह?
श्रवण सिंह पंजाब के फिरोजपुर जिले के एक सीमावर्ती गांव के रहने वाले हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, जब सीमा पर तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे थे, तब श्रवण ने अपनी छोटी-सी उम्र में बड़ा साहस दिखाया।
उन्होंने जवानों के लिए पानी पहुंचाना, भोजन वितरण में मदद करना और जरूरत पड़ने पर संदेश पहुंचाने जैसे कई छोटे-बड़े कार्य किए। श्रवण का यह योगदान भले ही साधारण लगे, लेकिन कठिन हालात में जवानों के लिए यह सहायता बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बच्चों की भूमिका
‘ऑपरेशन सिंदूर’ देश की सुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील अभियान था, जिसमें सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों ने भी प्रशासन और सुरक्षा बलों का सहयोग किया। श्रवण सिंह जैसे बच्चों ने यह साबित किया कि देशभक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती।
श्रवण का सेवा भाव देखकर जवानों ने भी उसकी सराहना की और बाद में प्रशासन तक यह बात पहुंची, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

PM मोदी और श्रवण की मजेदार बातचीत
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब श्रवण सिंह से बात की, तो माहौल बेहद हल्का और भावनात्मक हो गया। पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए श्रवण से पूछा,
“इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा काम कैसे कर लिया?”
इस पर श्रवण ने मासूमियत से जवाब दिया कि उसने वही किया जो उसे सही लगा। इसके बाद पीएम मोदी ने उससे यह भी पूछा कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहता है।
श्रवण के जवाब ने सभी का दिल जीत लिया। उसने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वह बड़ा होकर देश के लिए काम करना चाहता है, चाहे वह फौज में जाकर हो या किसी और तरीके से।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रवण की पीठ थपथपाते हुए कहा कि देश को ऐसे ही जज़्बे वाले बच्चों की जरूरत है और यही बच्चे आने वाले भारत का भविष्य हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO
PM मोदी और श्रवण सिंह की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग श्रवण की सादगी, साहस और देशभक्ति की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
कई यूजर्स ने लिखा कि आज के दौर में जब बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम तक सीमित हो रहे हैं, तब श्रवण जैसे बच्चे पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का महत्व
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने कम उम्र में असाधारण साहस, सेवा, नवाचार या सामाजिक योगदान दिया हो।
श्रवण सिंह को यह सम्मान मिलना इस बात का प्रमाण है कि सरकार ऐसे प्रयासों को पहचान रही है और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
परिवार और गांव में खुशी का माहौल
श्रवण के सम्मानित होने के बाद उसके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है। उसके माता-पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
ग्रामीणों का कहना है कि श्रवण की कहानी आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगी।
‘विकसित भारत’ की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा कि ऐसे बच्चे ‘विकसित भारत’ की नींव हैं। उन्होंने युवाओं और बच्चों से देशहित में योगदान देने का आह्वान किया।
श्रवण सिंह की कहानी यह साबित करती है कि सच्ची देशभक्ति किसी पद या उम्र की मोहताज नहीं होती। उसका छोटा-सा प्रयास आज लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
