By: Vikash Kumar (Vicky)
Jharkhand Weather News: झारखंड में ठंड ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर का प्रचंड प्रहार देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि झारखंड का तापमान देश के कई पहाड़ी इलाकों, जैसे शिमला और जम्मू से भी नीचे चला गया है। राजधानी रांची समेत मैकलुस्कीगंज, खूंटी, लोहरदगा, गुमला और लातेहार में कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है।

सबसे चौंकाने वाली तस्वीर मैकलुस्कीगंज से सामने आई है, जहां सुबह-सुबह ओस जमकर बर्फ में तब्दील हो गई। खेतों, घास और वाहनों पर जमी सफेद परत ने हिल स्टेशन जैसा नजारा पेश किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों बाद इस तरह की ठंड देखी है।
शिमला-जम्मू से भी नीचे झारखंड का पारा
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से झारखंड में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। न्यूनतम तापमान कई जिलों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। यही वजह है कि झारखंड का मौसम इस समय शिमला और जम्मू जैसे ठंडे शहरों से भी ज्यादा सर्द महसूस हो रहा है।
सुबह-शाम ठंड का कहर
राज्य में सुबह और शाम के समय ठंड सबसे ज्यादा परेशान कर रही है। घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त
शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाजारों में सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहता है। लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी ज्यादा है, जहां पर्याप्त संसाधनों के अभाव में लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य पर भी असर
डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, सांस की बीमारी और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

किसानों की बढ़ी चिंता
ठंड और पाले का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। खेतों में जमी बर्फ से सब्जियों और दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। कई किसान फसलों को बचाने के लिए रात में सिंचाई का सहारा ले रहे हैं।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक झारखंड में ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। कुछ इलाकों में घना कोहरा और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। जरूरतमंदों के लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत खुले में न रहें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।
ठंड से बचाव के जरूरी उपाय
1.गर्म और ऊनी कपड़े पहनें
2.सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें
3.बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
4.गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें
कुल मिलाकर, झारखंड में इस समय कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। शीतलहर का यह दौर कब तक रहेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

