
झारखंड के हजारीबाग जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। चौपारण थाना क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ड्रोन से रेकी के बाद अफीम की अवैध खेती का बड़ा भंडाफोड़ किया गया है। इस अभियान के दौरान करीब 50 एकड़ में फैली अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, जिससे मादक पदार्थ तस्करों को करोड़ों रुपये का झटका लगा है।
ड्रोन तकनीक से उजागर हुआ नशे का नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से चौपारण और आसपास के जंगली व पहाड़ी इलाकों में अफीम की खेती की गुप्त सूचना मिल रही थी। क्षेत्र दुर्गम होने के कारण जमीन से निगरानी करना मुश्किल था। इसके बाद आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की हवाई निगरानी की गई। ड्रोन फुटेज में जंगल और खेतों के बीच बड़े पैमाने पर अफीम की खेती साफ नजर आई।
पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
ड्रोन से पुष्टि होने के बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। सुरक्षा बलों के साथ अधिकारी पहाड़ी और जंगली रास्तों से होते हुए चिन्हित स्थानों पर पहुंचे। वहां पर फैली अफीम की फसल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। टीम ने मौके पर ही करीब 50 एकड़ में लगी अफीम की फसल को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की, जो कई घंटों तक चली।
नशा माफिया को करोड़ों का नुकसान
प्रशासन का अनुमान है कि अगर यह फसल बाजार तक पहुंच जाती, तो इससे नशा तस्करों को करोड़ों रुपये का मुनाफा होता। समय रहते कार्रवाई होने से न सिर्फ अवैध कमाई पर रोक लगी, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से भी बचाया गया।
खेती के पीछे संगठित गिरोह की आशंका
अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती किसी संगठित गिरोह के बिना संभव नहीं है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि ड्रोन फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों की पहचान कर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इलाके में लगातार चलेगा एंटी-नारकोटिक्स अभियान
हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सीमावर्ती और जंगली इलाकों में ड्रोन सर्विलांस को और बढ़ाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं अवैध खेती या नशे से जुड़ी गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
ड्रोन से बदली पुलिसिंग की तस्वीर
इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसिंग अब और प्रभावी हो रही है। ड्रोन की मदद से दुर्गम इलाकों में भी अपराधियों पर नजर रखना संभव हो गया है, जिससे अवैध धंधों पर शिकंजा कसना आसान हो रहा है।
यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारियों पर आधारित है। जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।

