झारखंड सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए एक बेहद मानवीय और प्रोत्साहन आधारित पहल की है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ‘राहवीर योजना’ का मकसद उन आम नागरिकों को सम्मानित करना है, जो सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए आगे आते हैं। इस योजना के तहत घायल को समय रहते अस्पताल पहुंचाने वाले नेक मददगार को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

सड़क हादसों में मौत का बड़ा कारण बना डर
देश और राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के बाद मौतों का एक बड़ा कारण यह भी है कि लोग कानूनी झंझट, पुलिस पूछताछ और कोर्ट-कचहरी के डर से घायलों की मदद करने से कतराते हैं। कई बार घायल व्यक्ति सड़क पर तड़पता रह जाता है और समय पर इलाज न मिलने से उसकी जान चली जाती है। झारखंड सरकार की राहवीर योजना इसी मानसिकता और डर को तोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से बच सकती हैं 50% से ज्यादा जानें
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट, जिसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, सबसे अहम होते हैं। अगर इस दौरान घायल को सही चिकित्सा सुविधा मिल जाए, तो 50 प्रतिशत से अधिक मामलों में जान बचाई जा सकती है। राहवीर योजना का मुख्य उद्देश्य इसी गोल्डन ऑवर का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।

क्या है राहवीर योजना, कैसे मिलेगा इनाम
राहवीर योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाता है और उसकी वजह से घायल की जान बचती है, तो उस मददगार को प्रति मामले 25,000 रुपये की राशि दी जाएगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उसे ‘गुड सेमेरिटन’ यानी नेक मददगार का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इनाम की राशि सीधे मददगार के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
मदद करने वालों से नहीं होगी पुलिस पूछताछ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को न तो पुलिस रोकेगी और न ही अस्पताल प्रशासन उसे जबरन बयान देने या गवाही के लिए बाध्य करेगा। यदि मददगार चाहे, तो वह अपनी पहचान गुप्त भी रख सकता है। डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों की एक संयुक्त समिति मामले की जांच कर पुष्टि करेगी, जिसके बाद पुरस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
योजना के प्रचार-प्रसार पर भी जोर
सरकार का मानना है कि जब तक लोगों को योजना की जानकारी नहीं होगी, तब तक इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आकर मानवता की मिसाल कायम कर सकें और सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कमी लाई जा सके।
मानवता को सम्मान देने की पहल
राहवीर योजना सिर्फ आर्थिक प्रोत्साहन नहीं है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है। सरकार का यह कदम समाज में सकारात्मक सोच पैदा करेगा और लोग बिना डर के सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद के लिए आगे आएंगे।
यह खबर सरकारी घोषणाओं और उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। योजना से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं में समय-समय पर बदलाव संभव है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि अवश्य करें।

