By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिले में लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सड़क सुरक्षा माह के बारहवें दिन “नुक्कड़ नाटक-सह-जागरूकता कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार एवं जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन जिले के भीड़-भाड़ वाले प्रमुख स्थानों देवीपुर हाट, एम्स परिसर एवं रजपुरा झुमराबाद में किया गया, जहां बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति रही। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों को रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे लोग सहज रूप से संदेश को समझ सके।
नाटक के दौरान कलाकारों ने यह दर्शाया कि किस प्रकार हेलमेट का उपयोग न करना, सीट बेल्ट नहीं बांधना, नशा पान कर वाहन चलाना, तेज गति से वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाना जैसी लापरवाहियां गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। नुक्कड़ नाटक में इन गलतियों के दुष्परिणामों को सजीव रूप में दिखाया गया, जिससे उपस्थित लोग भावनात्मक रूप से भी जुड़ सके।
कलाकारों द्वारा यह भी संदेश दिया गया कि सड़क दुर्घटना कब और कैसे हो जाएगी, यह किसी को पहले से पता नहीं रहता है। लेकिन यदि चालक और राहगीर सभी यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें, वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं और सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें, तो अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।
कार्यक्रम के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने आम लोगों से संवाद करते हुए सड़क सुरक्षा से संबंधित आवश्यक जानकारियां साझा कीं। लोगों को बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा मानक हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। इसके साथ ही पैदल चलने वालों को भी सड़क पार करते समय सतर्क रहने और ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने की सलाह दी गई।
देवीपुर हाट और रजपुरा झुमराबाद जैसे ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम को लोगों ने काफी सराहा। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामवासियों ने कहा कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई जानकारी आम भाषाशैली में होने के कारण आसानी से समझ में आई। लोगों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विशेषकर युवाओं और वाहन चालकों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजन और राहगीर भी बड़ी संख्या में नाटक देखने रुके। यहां कलाकारों ने यह भी दर्शाया कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति और उसके परिवार को कितनी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दृश्य ने लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर किया।
जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शैलेश प्रियदर्शी ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत पूरे जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे स्वयं भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे और अपने परिवार व समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। लोगों ने परिवहन विभाग की इस पहल को सराहनीय बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित यह नुक्कड़ नाटक-सह-जागरूकता कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि एक प्रभावी संदेश देने में भी सफल रहा। यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रशासन और आम जनता मिलकर प्रयास करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है।

