By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड के देवघर जिले के लिए आज का दिन गर्व और गौरव का प्रतीक बन गया, जब एएसआई श्याम कुमार को देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार, मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पुरस्कार और राज्यपाल पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान, अद्वितीय साहस और अनुकरणीय कार्यशैली के लिए दिया गया है।

एएसआई श्याम कुमार मूल रूप से छपरा जिला के एकमा प्रखंड के निवासी हैं और वर्ष 1999 से पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। लगभग 27 वर्षों की सेवा में उन्होंने न सिर्फ कानून-व्यवस्था को मजबूत किया बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि बनाने में भी अहम भूमिका निभाई।
300 से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं श्याम कुमार
एएसआई श्याम कुमार की उपलब्धियाँ यहीं समाप्त नहीं होतीं। अब तक उन्हें सेवा काल में 300 से अधिक पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। यह साबित करता है कि वे सिर्फ एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत भी हैं।
उनकी कार्यशैली, ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा के प्रति समर्पण उन्हें अन्य पुलिसकर्मियों से अलग पहचान दिलाता है।

शूटिंग गेम में 2001 से लगातार पदक विजेता
एएसआई श्याम कुमार केवल एक बहादुर पुलिस अधिकारी ही नहीं बल्कि एक उत्कृष्ट खिलाड़ी भी हैं। वे 2001 से शूटिंग गेम (निशानेबाजी) में लगातार मेडल जीतते आ रहे हैं। राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक उन्होंने देवघर और झारखंड का नाम रोशन किया है।
उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि वे शारीरिक, मानसिक और तकनीकी रूप से अत्यंत सक्षम अधिकारी हैं।

राष्ट्रपति पुरस्कार: हर पुलिसकर्मी का सपना
राष्ट्रपति पुरस्कार किसी भी पुलिस अधिकारी के जीवन का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार उन्हीं अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने असाधारण साहस, निष्ठा और समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवा दी हो। एएसआई श्याम कुमार को यह सम्मान मिलना देवघर जिले के लिए भी गर्व की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छोटे शहरों और जिलों से भी राष्ट्रीय स्तर के अधिकारी निकल सकते हैं।

मुख्यमंत्री और राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित
26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर श्याम कुमार को:
मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार
मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पुरस्कार
राज्यपाल पुरस्कार
से भी सम्मानित किया गया। ये सभी सम्मान उनके अद्वितीय साहस, जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाते हैं।

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
एएसआई श्याम कुमार आज झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत, लगन और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है।
वे कहते हैं:
“अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और नीयत साफ हो, तो कोई भी मुकाम दूर नहीं।”
उनकी यह सोच आज हजारों युवाओं को पुलिस सेवा और खेल जगत की ओर प्रेरित कर रही है।

देवघर और छपरा के लोगों में खुशी की लहर
उनके सम्मान की खबर मिलते ही देवघर और छपरा जिले के एकमा प्रखंड में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न मनाया और उन्हें बधाई दी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि,
“श्याम कुमार जैसे अधिकारी पुलिस विभाग की असली पहचान हैं।”

पुलिस विभाग की छवि को किया मजबूत
आज जब पुलिस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं, ऐसे समय में एएसआई श्याम कुमार जैसे अधिकारी यह साबित करते हैं कि पुलिस सेवा आज भी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सही सोच, कठिन परिश्रम और ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति ऊँचाइयों को छू सकता है।
एएसआई श्याम कुमार की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और बिहार के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रपति पुरस्कार सहित कई बड़े सम्मानों से सम्मानित होकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची लगन और सेवा भावना से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
देवघर जिला और छपरा का एकमा प्रखंड आज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

