By: Vikash Kumar (Vicky)
भारतीय संस्कृति में चूड़ियां केवल श्रृंगार का आभूषण नहीं हैं, बल्कि इन्हें सुहाग, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। शादीशुदा महिलाओं के हाथों में सजी चूड़ियों की खनक को शुभ संकेत समझा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि चूड़ियां सही नियमों के साथ पहनी और रखी जाएं तो यह घर में सुख-शांति और समृद्धि का संचार करती हैं। वहीं छोटी सी लापरवाही भी वास्तु दोष का कारण बन सकती है, जिससे दांपत्य जीवन में तनाव या आर्थिक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

आज हम आपको चूड़ियों से जुड़े पांच ऐसे जरूरी वास्तु नियम बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर विवाहित महिलाएं अपने पति के सौभाग्य और परिवार की उन्नति में सकारात्मक योगदान दे सकती हैं।
1. टूटी या चटक गई चूड़ियां कभी न पहनें
वास्तु के अनुसार टूटी, दरार वाली या चटक गई चूड़ियां नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। कई बार महिलाएं हल्की दरार होने पर भी उन्हें पहनती रहती हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसे अशुभ माना गया है। ऐसी चूड़ियां पति-पत्नी के रिश्ते में अनावश्यक तनाव और मानसिक अशांति का कारण बन सकती हैं। यदि किसी चूड़ी में दरार आ जाए तो उसे तुरंत अलग कर दें और सम्मानपूर्वक हटा दें।
2. चूड़ियों की खनक और सही दिशा में रखना
चूड़ियों की मधुर खनक को घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि जब घर में चूड़ियों की आवाज गूंजती है तो नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार श्रृंगार की वस्तुएं, जिनमें चूड़ियां भी शामिल हैं, दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में व्यवस्थित तरीके से रखनी चाहिए। इन्हें इधर-उधर बिखेरकर रखना अशुभ प्रभाव दे सकता है।

3. रंगों का चयन सोच-समझकर करें
हर रंग की अपनी ऊर्जा और प्रभाव होता है। विवाहित महिलाओं के लिए लाल और हरे रंग की चूड़ियां विशेष रूप से शुभ मानी जाती हैं। लाल रंग प्रेम, शक्ति और उत्साह का प्रतीक है, जबकि हरा रंग खुशहाली, उन्नति और संतुलन का संकेत देता है। शनिवार के दिन काले या गहरे नीले रंग की चूड़ियां पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। गुरुवार और शुक्रवार को नई चूड़ियां धारण करना शुभ माना जाता है।
4. दान और उपहार से जुड़े नियम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपनी पहनी हुई चूड़ियां किसी को दान में नहीं देनी चाहिए। ऐसा करने से आपकी सकारात्मक ऊर्जा दूसरे व्यक्ति तक चली जाती है। यदि आप किसी को चूड़ियां उपहार में देना चाहती हैं तो नई और बिना टूटी हुई चूड़ियां ही दें। उपहार में मिली चूड़ियां आपसी प्रेम और संबंधों को मजबूत बनाती हैं, बशर्ते वे पूरी तरह सही अवस्था में हों।

5. पहनते समय फिटिंग और दिन का ध्यान रखें
चूड़ियां न तो बहुत ढीली होनी चाहिए और न ही बहुत कसी हुई। अत्यधिक कसी हुई चूड़ियां स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं, जबकि बहुत ढीली चूड़ियां बार-बार गिरने से अशुभ संकेत मानी जाती हैं। मंगलवार और शनिवार को नई चूड़ियां खरीदने से बचें। गुरुवार और शुक्रवार का दिन इसके लिए अधिक शुभ माना गया है।
वास्तु के अनुसार चूड़ियों का महत्व
वास्तु शास्त्र में चूड़ियों को स्त्री की ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इनकी खनक को घर में जीवन और उल्लास का संकेत समझा जाता है। सही रंग, सही दिशा और सही समय का ध्यान रखकर चूड़ियां धारण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।

यदि आप भी अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और पति की उन्नति की कामना करती हैं, तो इन सरल वास्तु नियमों को अपने जीवन में जरूर अपनाएं। छोटे-छोटे उपाय कभी-कभी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। व्यक्तिगत जीवन में किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

