By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
अक्सर लोग फटी एड़ियों को सिर्फ एक सामान्य स्किन प्रॉब्लम या ब्यूटी से जुड़ी परेशानी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार एड़ियों का फटना कई बार शरीर में छिपी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। खासकर अगर आपकी एड़ियां हर मौसम में फटती रहती हैं, उनमें दर्द, जलन या खून आने जैसी समस्या हो रही है तो यह केवल ड्राई स्किन नहीं बल्कि किसी अंदरूनी बीमारी का इशारा भी हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पोषण की कमी, डायबिटीज, थायरॉइड और त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं का असर सबसे पहले पैरों और एड़ियों पर दिखाई देने लगता है। कई लोग समय पर इन संकेतों को समझ नहीं पाते, जिसकी वजह से समस्या गंभीर रूप ले सकती है। आइए जानते हैं आखिर किन बीमारियों की वजह से एड़ियां बार-बार फटने लगती हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकती हैं फटी एड़ियां
डायबिटीज यानी मधुमेह का असर शरीर के ब्लड सर्कुलेशन और नसों पर पड़ता है। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है तो पैरों तक सही तरीके से खून नहीं पहुंच पाता। इससे त्वचा सूखी और सख्त होने लगती है, जिसके कारण एड़ियां फटने लगती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटिक मरीजों में पैरों की छोटी सी चोट भी गंभीर रूप ले सकती है। अगर फटी एड़ियों में दर्द, सूजन, लालपन या पस बनने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह डायबिटिक फुट का संकेत हो सकता है।

थायरॉइड की समस्या भी हो सकती है वजह
बार-बार एड़ियां फटना थायरॉइड डिसऑर्डर का भी संकेत माना जाता है। खासकर हाइपोथायरॉइडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे त्वचा बेहद ड्राई और बेजान हो जाती है। इसका असर सबसे ज्यादा हाथों, पैरों और एड़ियों पर दिखाई देता है। अगर एड़ियों के साथ-साथ बाल झड़ना, वजन बढ़ना, कमजोरी और ज्यादा थकान महसूस हो रही है तो थायरॉइड टेस्ट करवाना फायदेमंद हो सकता है।
विटामिन और मिनरल की कमी से बढ़ सकती है परेशानी
शरीर में विटामिन E, विटामिन B3, विटामिन C और आयरन की कमी होने पर भी त्वचा की नमी कम होने लगती है। इससे एड़ियां सूखकर फट सकती हैं। जिन लोगों की डाइट संतुलित नहीं होती या जो पर्याप्त पानी नहीं पीते, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पौष्टिक आहार और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से त्वचा को अंदर से पोषण मिलता है और एड़ियां स्वस्थ रहती हैं।

त्वचा रोग भी हो सकते हैं जिम्मेदार
कई बार सोरायसिस, एक्जिमा और फंगल इन्फेक्शन जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों की वजह से भी एड़ियां फटने लगती हैं। इन समस्याओं में त्वचा मोटी, खुजलीदार और पपड़ीदार हो सकती है। अगर घरेलू उपाय करने के बाद भी एड़ियों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच करवाना जरूरी हो जाता है।
लंबे समय तक खड़े रहने से भी बढ़ती है समस्या
जो लोग लंबे समय तक खड़े होकर काम करते हैं या नंगे पैर ज्यादा चलते हैं, उनमें एड़ियां फटने की समस्या अधिक होती है। शरीर का पूरा दबाव एड़ियों पर पड़ता है जिससे त्वचा मोटी होकर टूटने लगती है। गलत फुटवियर पहनने से भी यह परेशानी बढ़ सकती है।

फटी एड़ियों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
अगर समय रहते फटी एड़ियों की देखभाल न की जाए तो उनमें संक्रमण हो सकता है। कई बार गहरी दरारें चलने-फिरने में दर्द पैदा करती हैं और खून भी निकल सकता है। डायबिटीज मरीजों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
फटी एड़ियों से बचने के आसान उपाय
रोजाना पैरों को साफ और मॉइस्चराइज रखें।
गुनगुने पानी में पैर डुबोकर स्क्रब करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
आरामदायक और मुलायम फुटवियर पहनें।
विटामिन और मिनरल से भरपूर डाइट लें।
बहुत ज्यादा ड्राई स्किन होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें
अगर एड़ियों से लगातार खून आ रहा हो, सूजन हो, चलने में दर्द हो या बार-बार संक्रमण हो रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर डायबिटीज मरीजों को पैरों की नियमित जांच करवानी चाहिए।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। स्वयं उपचार करने से बचें।

