By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची/चतरा। झारखंड में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा हो गया। राजधानी रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है, जबकि प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, एयर एंबुलेंस ने रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के करीब 23 मिनट बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क अचानक टूट गया। शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी समस्या माना गया, लेकिन कुछ ही देर बाद चतरा जिले के ग्रामीण इलाके में विमान के गिरने की सूचना मिली।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आसमान में तेज आवाज सुनी, जिसके बाद धुएं का गुबार उठता दिखा। जब लोग मौके पर पहुंचे तो विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसमें आग लगी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सभी यात्रियों की मौत हो चुकी थी।

बताया जा रहा है कि विमान में पायलट, को-पायलट, एक डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और अन्य सहयोगी कर्मी समेत कुल सात लोग सवार थे। यह एयर एंबुलेंस एक मरीज को दिल्ली ले जाने के लिए रवाना हुई थी। हालांकि, हादसे के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम, इंजन फेल होने या नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी जैसी वजहें हो सकती हैं। हालांकि, हादसे की असली वजह ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही सामने आएगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

झारखंड के मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
हादसे के बाद रांची एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि एयर एंबुलेंस सेवा बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि इसमें अक्सर गंभीर मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में छोटे विमानों और चार्टर फ्लाइट्स से जुड़े हादसों में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार सुरक्षा मानकों को मजबूत करने का दावा करती रही हैं। चतरा एयर एंबुलेंस हादसा एक बार फिर विमानन सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल दुर्घटनास्थल को सील कर दिया गया है और मलबे को सुरक्षित रखा गया है ताकि जांच एजेंसियां तकनीकी विश्लेषण कर सकें। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।
इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। सात जिंदगियों के अचानक खत्म हो जाने से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर टेकऑफ के 23 मिनट बाद ऐसा क्या हुआ कि एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई।

