By: Vikash Kumar (Vicky)
कोलकाता और आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे शहर भर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए। कुछ सेकंड तक जमीन हिलती रही, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग (समय अपडेट किया जा सकता है) अचानक पंखे और लाइटें हिलने लगीं। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को ज्यादा तीव्रता से महसूस किया। कई इलाकों में लोग सीढ़ियों से भागते हुए बाहर निकले। स्कूलों और ऑफिसों में भी एहतियातन खाली कराया गया।

प्रशासन ने तुरंत स्थिति का जायजा लेना शुरू किया। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय पुलिस टीमों को सतर्क कर दिया गया। अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई स्थानों पर दीवारों में दरारें आने और सामान गिरने की खबरें सामने आई हैं।
भूकंप का केंद्र कहां था और इसकी तीव्रता कितनी थी, इसे लेकर आधिकारिक एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, झटके कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना समेत आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप आने पर घबराने की बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों को खुले स्थान पर जाने, लिफ्ट का उपयोग न करने और मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लेने की सलाह दी जाती है। प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि कई लोग डर के मारे बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने अपुष्ट खबरें साझा न करने की चेतावनी दी है।

भूकंप के बाद बिजली और इंटरनेट सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। परिवहन सेवाएं भी सामान्य रूप से चल रही हैं। रेलवे और मेट्रो प्रशासन ने भी अपने-अपने स्तर पर जांच की और फिलहाल सेवाएं सुचारु रूप से जारी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी भारत का यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इसलिए समय-समय पर हल्के या मध्यम झटके महसूस होना असामान्य नहीं है। हालांकि, किसी भी बड़े भूकंप की आशंका को लेकर फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
राज्य सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

लोगों से अपील की गई है कि वे शांत रहें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। यदि आफ्टरशॉक यानी बाद के झटके महसूस होते हैं, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
फिलहाल कोलकाता और आसपास के इलाकों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जैसे ही भूकंप की तीव्रता और केंद्र को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं अचानक आती हैं, इसलिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। लोगों को चाहिए कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़े निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा उपायों को अपनाएं।

